एटीएम पासवर्ड और कार्ड नंबर हासिल करके इलाहाबाद और दिल्ली में 55 हजार की खरीदारी करने का आरोपी आशीष चौरसिया पुलिस के हत्थे चढ़ गया। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ दर्ज मामले में क्राइम ब्रांच के साइबर सेल प्रभारी पीके तिवारी ने सोमवार को उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेजा गया। मामले में उसका एक और साथी भी आरोपी है, जो फिलहाल पुलिस के शिकंजे से बाहर है।
हंडिया निवासी विपुल गयाली तीन माह पूर्व किसी काम से सुरियावां गए थे। वे एक एटीएम से पैसा निकालने के बाद बाहर आए। आरोप है कि एटीएम में एक युवक ने पासवर्ड हासिल कर लिया। बाहर निकलने पर एक अन्य युवक ने पीछा करते हुए धक्का देकर उसका एटीएम गिरा दिया। इस दौरान मोबाइल से कार्ड की फोटो खींचा तथा एटीएम उठाकर सम्मान सहित वापस भी कर दिया।
इसके बाद दोनों मिलकर दिल्ली के विक्स बाजार, फ्लीट मार्केट से स्वर्ण और इलाहाबाद से उसी पासवर्ड, कार्ड नंबर से कपड़े की खरीदारी की। बैंक खाते से पैसे निकालने का मैसेज आने पर विपुल ने मामला दर्ज कराया। पुलिस ने इसकी छानबीन शुरू की, दोनों के नाम सामने आए। तब से पुलिस गिरफ्तारी के लिए तैयार थी, सोमवार को दुर्गागंज त्रिमुहानी पर पिता संग पहुंचे आशीष चौरसिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साइबर सेल प्रभारी पीके तिवारी ने बताया कि आशीष मूलत: जौनपुर जिले के सिकरारा का रहने वाला है, लेकिन ज्ञानपुर में पढ़ाई के साथ साइबर अपराध में लिप्त था।