ज्ञानपुर। जिले में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रो में बाल वाटिका (प्री नर्सरी) के माध्यम से बच्चों को अक्षर और संख्या का ज्ञान कराया जाएगा। इसकी कक्षाएं चलेंगी। पहले चरण में 70 केंद्रो पर इसकी शुरुआत की जाएगी।
इसके लिए हर केंद्र पर एक-एक एजुकेटर रखे जाएंगे। 50 से कम छात्र संख्या वाले वह विद्यालय जिनका विलय हो रहा है। उसमें बाल वाटिका बनाई जाएगी। निदेशालय से पत्र आने के बाद शिक्षा विभाग चयन की कवायद में जुट गया है।
जिले में तीन से छह साल के बच्चों के लिए 1491 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें परिषदीय विद्यालयों में 332 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनको को-लोकेटेड आंगनबाड़ी कहा जाता है। करीब एक लाख 25 हजार बच्चे इनमें पंजीकृत हैं।
इन केंद्रों में पंजीकृत 5-6 साल के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से पूर्व की शिक्षा के लिए तैयार करने की पहल की गई है। इन आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल वाटिका (प्री नर्सरी) बनाई जाएगी। पहले चरण में शासन ने परिषदीय विद्यालयों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल वाटिका बनाने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग की तरफ से 70 केंद्रों को बाल वाटिका के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य परियोजना कार्यालय से नियुक्ति के लिए पत्र भी आ गया है।