ज्ञानपुर/लालानगर। दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से लौटे 11 बांग्लादेशी समेत 18 जमातियों को संरक्षण देने वाले संरक्षणदाताओं का नाम विवेचना से हटने का मामला तूल पकड़ने लगा है। हिंदू संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। मामले में लीपापोती होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद बजरंग दल के जिला प्रभारी संतोष दूबे ने कहा कि कोरोना वायरस को बढ़ाने में महती भूमिका निभाने वाले जमातियों पर सरकार सख्ती कर रही है लेकिन जिले की पुलिस उन्हें संरक्षण देने वालों पर मेहरबानी कर रही है। पुलिस की यह कार्यप्रणाली संदेहास्पद है, जो देशहित में नहीं है। उन्होंने कोरोना वारियर्स पर हुए हमले के मामले में लीपापोती पर भी नाराजगी जताई।
कहा कि लोकेशन मिलने के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। इसको लेकर संगठन चुप नहीं बैठेगा। भदोही कोतवाली पुलिस के खिलाफ मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा जाएगा। जरूरत पड़ी तो संगठन के लोग आंदोलन भी करेंगे। बताते चलें कि जमातियों को संरक्षण देने में पुलिस ने अब्दुल अयूब अंसारी, अब्दुल रब अंसारी, हाजी अलीम उल्लाह, मुस्ताक अहमद, अब्दुल रहीम, मुनौव्वर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, हालांकि विवेचना में सभी को राहत दे दी गई।