बहुजन मुक्ति पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रांतीय संगठन के आह्वान पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार को किसान और मजदूर विरोधी बताते हुए नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की।
पार्टी के जिलाध्यक्ष राजू गौतम ने कहा कि केंद्र सरकार का एक साल का कार्यकाल सिर्फ घोषणाओं तक ही सिमट कर रह गया। देश में आ रहीं आपदाओं में मरने वाले किसानों की सुनने का समय न तो प्रधानमंत्री के पास है और न ही मुख्यमंत्री के पास। दोनों सरकारें किसानों के बकाए गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं कर रही हैं, लेकिन चीनी मिल मालिकों को घाटे के नाम पर पैकेज देने का काम जरूर कर रहीं हैं। केंद्र के भूमि अधिग्रहण बिल का विरोध करते हुए बताया कि यह बिल किसान विरोधी है।
सरकार बिल को पास करा लेगी तो किसानों के लिए बुरे दिन शुरू हो जाएंगे। प्रदर्शन में विनोद, संतलाल मौर्य, मनोज कुमार गौतम, सुशील कुमार शास्त्री, शमीम अंसारी, रमाशंकर गौतम, शिवशंकर गौतम, राम प्रसाद मौर्य, डेविड बौद्ध, समर बहादुर, सुशील शास्त्री, लालमणि यादव सहित आदि लोग मौजूद रहे।