ज्ञानपुर। जिले में गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्रों पर बोरे की कमी से निपटने के लिए जिला प्रशासन की ओर से तैयारी चल रही है। कोटेदारों से बोरा सरेंडर करने के लिए कहा गया है। 725 कोटेदारों से एक महीने में 25 हजार बोरे लिए जाएंगे। इसका भुगतान शासन स्तर से किया जाएगा।
ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध से बोरे का संकट होने के कारण पी-फॉर्म प्लास्टिक दाने के दाम बढ़ने से प्लास्टिक सामग्री बनाने की लागत बढ़ गई है। प्लास्टिक के बोरे नहीं मिलने से दूसरे विकल्प तलाशे जा रहे हैं। जिले में बोरे की पहली बार किल्लत होने के बाद कोटेदारों से बोरे लेकर जूट के बोरे में गेहूं की खरीद की जाएगी। जिला विपणन अधिकारी शिशिर ने बताया कि 33 गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद कार्य तेजी से चल रहा है। कुछ केंद्रों पर बोरे की कमी आई है। इस समस्या को दूर करने के लिए विभाग ने कोटेदारों से सीधे बोरा खरीदने का निर्णय लिया है।
इससे क्रय केंद्रों पर समय से पर्याप्त बोरे उपलब्ध हो सकेंगे और खरीद प्रक्रिया बाधित नहीं होगी। विभाग की इस पहल से जहां गेहूं खरीद में तेजी आएगी, वहीं, कोटेदारों को अतिरिक्त आय का अवसर भी मिलेगा।