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Bhadohi News: शिपमेंट चार्ज में चार गुना वृद्धि होने से काती की कीमतें 50 फीसदी बढ़ीं

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नगर के एक काती की दुकान में बेचे जाने के लिए रखे ऊन कै सैंपल्स। संवाद
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भदोही। ईरान-इस्राइल के बीच छिड़ी जंग 14 दिनों के लिए थम गया है। युद्ध के बीच काती (ऊनी धागे) की कीमतों में 50 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के बाद से अफ्रीका के दक्षिण रास्ते से माल आयात होने के कारण शिपमेंट चार्ज चार गुना बढ़ गया है। इस कारण काती के दाम बढ़ गए हैं। इसका असर कालीन उद्योग पर पड़ रहा है। पहले निर्यातक युद्ध से प्रभावित उद्योग से चितिंत थे। वहीं, अब काती की कीमतों में वृद्धि ने उनके सामने नई समस्या खड़ी कर दी है। ऑल इंडिया कारपेट यार्न स्पीनर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन (एसिस्डा) सुशील कुमार नाहटा ने बताया कि दाम बढ़ने के कारण काती के आयात में 30 फीसदी की कमी आई है। पहले अमेरिकी टैरिफ, फिर ईरान-इस्राइल युद्ध, उसके बाद नई दिल्ली में होने वाले फेयर के रद होने से निर्यातकों को पहले से ही 500 करोड़ का झटका लगा है। इस बीच यूरोपीय देशों से आने वाले काती की कीमतों में 50 फीसदी तक का उछाल आने से निर्यातक परेशान हैं। कालीनों की बुनाई में प्रयोग होने वाले ऊनी धागे यूरोपीय देशों से आते हैं। देश में करीब 70 फीसदी ऊनी धागों का आयात किया जाता है।
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