गंगा के बढ़ते जलस्तर से बदरी गांव में एक मकान के समीप पहुंचा पानी।
तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर अब सितम ढाने की ओर बढ़ चला है। शनिवार को डीघ के बदरी और हरिरामपुर गांव में पानी पहुंचने से लोगों की धड़कने बढ़ गई। गांव में पानी पहुंचने से दोनों गांव के करीब 1500 लोग प्रभावित हो गए। छेछुआ और भुर्रा गांव में 50 बीघे उपजाऊ जमीन गंगा में समा गई। शनिवार शाम छह बजे तक गंगा का जलस्तर 80.100 मीटर तक पहुंच गया। जलस्तर प्रति घंटे तीन सेमी की दर से बढ़ रहा है।
पश्चिम यूपी और उत्तराखंड में हो रही बारिश और डैम से पानी छोड़ने से गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी का उफान तेज होने से छेछुआ और भुर्रा गांव में उपजाऊ जमीन तेजी से कटकर गंगा में समाहित हो रही है। नारेपार, बारीपुर, फुलवरिया तरी, बसगोती मवैया, कलिक मवैया, तलवा, इटहरा समेत करीब 12 गावों में गंगा का पानी धान समेत अन्य फसल को अपनी जद में ले लिया है। निर्माणाधीन संस्कृत विद्यालय का आधा से अधिक हिस्सा पानी में डूब गया है।
जलस्तर इसी तरह कायम रहा तो स्कूल के गिरने की संभावना भी प्रबल हो जाएगी। जलस्तर लगातार बढ़ने से शनिवार को हरिरामपुर और बदरी गांव में पानी घुस गया। गांव में पानी पहुंचते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। राजस्व लेखपाल मामले की खबर उच्चाधिकारियों को दे दी। करीब डेढ़ दशक में तीसरी बार जलस्तर 80.100 मीटर तक पहुंचा है। 2003 में 80.500 मीटर, 2013 में 81.200 मीटर और 2016 में 80.100 मीटर तक जलस्तर पहुंचा है।
शनिवार शाम छह बजे केंद्रीय मीटर गेज के अनुसार तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। बदरी गांव के गजराज निषाद ने बताया कि उनके रिहायशी मड़हे में पानी भर गया है। किसी तरह सामान को बाहर निकाला। गांव के रामसागर तिवारी, सियऊाराम, जगदीश, पवन, धम़राज के घरों के समीप गंगा का पानी पहुंच गया है। ग्रामीण आशंकित हैं कि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो उनकी मुश्किलें बढ़ जाएंगी। गावों में पानी भरने से बदरी और हरिरामपुर गांव की करीब 1500 की आबादी प्रभावित हो गई है।