ज्ञानपुर। नगर के चकटोडर टाउन में एक सप्ताह पूर्व गौरक्षा समिति के सदस्य रविंद्रपति हत्याकांड का मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। सात दिन बाद भी शेष अन्य आरोपियों की पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर सकी। वहीं दूसरी ओर गिरफ्तार दो आरोपियों को उपचार के नाम पर वाराणसी भेजने के मामले की शिकायत आईजी, डीएम समेत अन्य आला अधिकारियों से की।
गत पांच जुलाई को चकटोडर टाउन में हुई गो रक्षा समिति सदस्य रविंद्रपति तिवारी हत्याकांड में पुलिस और तहसील कर्मी लीपापोती में जुटे हैं। घटना के दिन ही इंद्रभूषण पांडेय और मदन मोहन पांडेय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया लेकिन मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी। सभी के खिलाफ साजिश रचने समेत कई अहम धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है लेकिन पुलिस मामले को लेकर संजीदा नहीं है। गिरफ्तार दोनो आरोपी को इलाज के लिए बनारस भेज दिया गया है। यहां भुक्तभोगी पक्ष उसका इलाज यहीं कराने की मांग कर रहा है। रविंद्रपति तिवारी के भतीजे आशीष तिवारी ने आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारी, सीएमओ, एसपी, जेलर ज्ञानपुर को पत्रक भेज कर गुहार लगाई। पत्रक में आरोप लगाया कि साजिश के तहत दोनों आरोपियों को चोट दिखा कर वाराणसी भेजा गया जबकि उन्हें कोई चोट नहीं लगी है। जेल से बाहर होने पर आए दिन परिवार को धमकी दी जा रही है। मांग किया कि दोनो आरोपियों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल वाराणसी से तत्काल डिस्चार्ज कर ज्ञानपुर कारागार में रखा जाए। मेडिकल बोर्ड गठित कर फर्जी इंजुरी रिपोर्ट बनाने वाले डाक्टरों पर कार्रवाई की जाए। क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर कालू सिंह ने कहा कि गिरफ्तारी के लिए टीम गठित है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।