विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर मंगलवार को जिले में विविध आयोजन हुए। कहीं गोष्ठी का आयोजन किया गया तो कहीं जागरूकता रैली निकालकर लोगों को तंबाकू के जहर से दूर रहने का संदेश दिया गया। तंबाकू विरोधी कार्यक्रमों में लोगों ने बढ़-चढ़कर शिरकत की।
गायत्री परिवार ने तंबाकू निषेध दिवस को व्यसन मुक्ति दिवस के रूप में मनाया। इस मौके पर लोगों को जागरूक करने के लिए झांकी के साथ ही रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी, महिलाएं और बुद्धिजीवी शामिल हुए। संगठन के जिला संयोजक डॉ. प्रेमशंकर तिवारी ने कहा कि नशा करने वाले व्यक्ति को सामाजिक, नैतिक और आर्थिक क्षति होती है। साथ ही देश की छवि भी प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि आज शराबमुक्त यूपी और नशामुक्त सशक्त भारत की आवश्यकता है। डॉ. आरके शुक्ला ने कहा कि सिगरेट और तंबाकू में निकोटिन नामक विषैला पदार्थ होता है। डॉ. सीके पटेल ने कहा कि नशा करने वालों के रक्त में जहरीले तत्व जमा होते हैं। इससे कैंसर की आशंका प्रबल हो जाती है। यह एक ऐसा जानलेवा रोग है जो जिंदगी ख्ात्म होेने के साथ्ा ही जाता है।
डॉ. कपूरचंद, कृपाशंकर मिश्र, अशोक पांडेय, रमाशंकर वर्मा ने भी विचार रखे। कहा कि जरूरत है जागरूकता की। इससे ही लोग अपना बचाव कर सकते हैं।
उधर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से ज्ञानपुर तहसील परिसर में तंबाकू निषेध दिवस पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें एसीएमओ डॉ. आरएम मौर्य ने तंबाकू के दुष्प्रभावों को बताते हुए इससे तौबा करने की नसीहत दी। प्राधिकरण के सचिव सिविल जज सीनियर डिवीज प्रवीण कुमार पांडेय ने तंबाकू से हानि, उससे उत्पन्न रोगों से उपचार और इस संबंध में कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर अधिवक्ता कैलाशपति शुक्ल, आदित्य प्रसाद पांडेय, मोहन लाल मिश्र, मुन्नर राम, तहसीलदार जगदीश प्रसाद पांडेय आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कृष्णावतार त्रिपाठी राही ने किया।