इस दौरान मंगल गाए गए। अर्घ्य देने के लिए विभिन्न तालाबों और गंगा घाटों पर आस्थावानों की भारी भीड़ उमड़ी। बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं व्रत का पारण करेंगी।
नहाय, खाय के साथ शुरू हुए छठ अनुष्ठान के दूसरे दिन व्रती महिलाओं ने बखीर बनाई।
सोमवार देर शाम तक व्रती महिलाओं ने वेदियां भी बना ली थी। मंगलवार को दोपहर बाद सूप, दौरी, फल, गन्ने सहित अन्य सामानों को लेकर व्रती महिलाएं प्रमुख तालाबों और गंगा घाटों पर पहुंचने लगीं।
शाम साढ़े चार बजते-बजते घाटों और सरोवरों पर खचाखच भीड़ हो गई। ज्ञानपुर नगर स्थित ज्ञान सरोवर, रामपुर गंगा घाट, सीतामढ़ी गंगा घाट, बिहरोजपुर गंगा घाट, कठारी के भोगांव गंगा घाट पर हजारों की संख्या में महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया।
इस दौरान विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चन की गई। व्रत को देखते हुए बाजारों में पूरे दिन चहल-पहल रही। त्योहार को लेकर फलों की कीमतों में भारी उछाल देखा गया। इनकी कीमतें प्रतिकिलो 20 से 30 रुपये तक बढ़ गई थीं।
गंगा घाटों पर प्रशासनिक स्तर से साफ-सफाई न कराए जाने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लगे बालू के ढेर जस के तस पड़े रहने से लोगों में नाराजगी रही।
बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं चार दिवसीय कठिन व्रत का पारण करेंगी।