उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होने वाली उद्योग बंधु की बैठकें उद्यमियों के लिए अब निराशा का कारण बनती जा रही हैं। छह महीने में हुई छह बैठकों में उद्यमियों ने बिजली, जाम, जलभराव और एनओसी सहित कई समस्याएं उठाईं, लेकिन अधिकांश मामलों में समाधान की जगह केवल आश्वासन ही मिला।
कालीन उद्योग के लिए देश-विदेश में पहचान रखने वाले जिले के भदोही, खमरिया, घासियां और गोपीगंज क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कालीन कंपनियां संचालित हैं, जिनसे हजारों लोग जुड़े हैं। उद्यमियों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हर महीने उद्योग बंधु की बैठक होती है, लेकिन कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं।
उद्यमियों का कहना है कि खमरिया, गोपीगंज और भदोही नगर की जटिल समस्याएं बार-बार उठाने के बाद भी निस्तारित नहीं हो सकी हैं। विभागीय स्तर पर कार्रवाई धीमी होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
गोपीगंज में जलभराव की समस्या बरकरार
गोपीगंज नगर का अंजही मोहाल व्यापारिक क्षेत्र का प्रमुख केंद्र है। यहां जल निकासी की समस्या बनी हुई है। हल्की बारिश में भी जलभराव हो जाता है, जिससे व्यापारियों को परेशानी होती है। उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष श्रीकांत जायसवाल ने बताया कि यह समस्या करीब आठ महीने से उद्योग बंधु की बैठकों में उठाई जा रही है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। उन्होंने लाला नगर टोल प्लाजा के पास मार्ग बंद होने की समस्या का भी मुद्दा उठाया और कहा कि इससे लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
खमरिया मार्ग का निर्माण अधूरा
मिनी डालर नगरी के नाम से प्रसिद्ध खमरिया में कई कालीन कंपनियां हैं। यहां निर्यातकों और कारोबारियों का आवागमन रहता है। माधोसिंह से खमरिया जाने वाली सड़क का निर्माण एक साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका। एकमा के पूर्व मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने उद्योग बंधु की बैठक में सड़क निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग उठाई थी, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
लिप्पन तिराहे पर जाम से राहत नहीं
भदोही के लिप्पन तिराहे पर लगने वाले जाम की समस्या भी उद्योग बंधु की बैठकों में प्रमुखता से उठाई गई थी। प्रशासन ने जाम से निजात के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और सड़क पर जेब्रा लाइन बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
भदोही के लिप्पन तिराहे पर दोपहर के समय लगा जाम। संवाद