ज्ञानपुर। प्रदेश सरकार पारंपरिक माटी कला को पुनर्जीवित करने और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महत्वाकांक्षी कदम उठा रही है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री माटी कला रोजगार योजना के तहत नए उद्योग स्थापित करने की मुहिम शुरू की गई है। योजना के माध्यम से कुम्हारों और कारीगरों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना के तहत प्रोजेक्ट लागत बैंक ऋण के रूप में मिलेगा, जबकि उद्यमी को पूंजीगत ऋण पर 25 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी भी देगी। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि यह सब्सिडी तीन साल तक बैंक में सुरक्षित रहेगी और सत्यापन के बाद लाभार्थी के खाते में भेज दी जाएगी।
कारीगर आधुनिक मिट्टी के उत्पाद जैसे प्रेशर कुकर, सुराही, कुल्हड़, भवन निर्माण सामग्री और सजावटी सामान (गुलदस्ता, लैंप आदि) बनाने का उपक्रम लगा सकेंगे। योजना का लाभ लेने के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु के पात्र अभ्यर्थी माटी कला बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल upmatikalaboard.in पर 30 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए सिंहपुर रमनगरा स्थित जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।