एआरटीओ कार्यालय के एक लिपिक पर मंगलवार को हुए हमले के विरोध में बुधवार को कार्यालय के कर्मचारियों ने काम नहीं किया। सुबह जब कार्यालय का समय हुआ तो वहां कोई पहुंचा ही नहीं। कर्मचारियों का कहना था कि पहले हमला करने वालों की गिरफ्तारी हो, उसके बाद ही काम शुरू किया जाएगा। दूसरी ओर सुरक्षा को देखते हुए कार्यालय पर पुलिस को तैनात कर दिया गया।
मंगलवार को मनबढ़ किस्म के कुछ दलालों ने एआरटीओ कार्यालय के कैश काउंटर के कनिष्ठ लिपिक अनुज श्रीवास्तव पर हमला कर दिया था। कर्मचारियों ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर देकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन बुधवार को भी हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इससे नाराज कर्मी बुधवार को काम पर नहीं आए। इससे काम के सिलसिले में आने वाले लोगों के काम नहीं हुए और लोग गर्मी और धूप में बेहाल लोग वापस चले गए। एआरटीओ कार्यालय पर सुरक्षा को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई, जो पूरे दिन डटी रही। बता दें कि एआरटीओ कार्यालय पर दलालों की धमाचौकड़ी आए दिन की कहानी बन गई है। अक्सर आउटसाइडर और दलाल वहां मारपीट करते रहते हैं।