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सुमंगला के नौ हजार आवेदन निरस्त

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ज्ञानपुर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के ऑनलाइन आवेदन में जमकर मनमानी की गई। ब्लॉक, तहसील स्तर से सत्यापन में आधे से अधिक आवेदन प्रोबेशन विभाग ने निरस्त कर दिया। एक बैंक अकाउंट पर तीन-तीन आवेदन संग आधार नंबरो में भी गड़बड़ी मिली।
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बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को लागू किया है। इसमें जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक की पढ़ाई के लिए 15 हजार रुपये देकर बालिकाओं को प्रोत्साहित किया जाता है। जिले के छह ब्लॉक और सातों नगर निकायों से कुल 15 हजार 776 आवेदन आए। ब्लॉक और तहसील स्तर पर सत्यापन में नौ हजार 229 आवेदन निरस्त हो गए। खंड विकास अधिकारी और उप जिलाधिकारी के स्तर से कराए सत्यापन में पाया गया कि इन लाभार्थियों ने गलत जानकारी अंकित की है। सरकार पात्र लाभार्थियों को छह किस्तों में 15 हजार रुपये देगी। आवेदन के लिए श्रेणी तय की गई है कि बालिका के जन्म पर, एक वर्ष के बाद पूर्ण टीकाकरण पर, कक्षा एक में प्रवेश पर, कक्षा छह और कक्षा नौ में दाखिले पर तथा स्नातक या दो वर्षीय या अधिक अवधि पर डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश पर ही आवेदन करना है। प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी महेंद्र कुमार यादव ने बताया कि जन्म और टीकाकरण के बाद आवेदन को ग्रामीण क्षेत्र में बीडीओ और शहरी क्षेत्र में एसडीएम को सत्यापन कराना होता है। इसी तरह कक्षा एक व छह में प्रवेश के बाद के आवेदन पत्रों को खंड विकास अधिकारियों के स्तर से सत्यापन के बाद बीडीओ व एसडीएम के स्तर पर सत्यापन के लिए भेजा जाता है। बीडीओ और एसडीएम के स्तर से कराए गए सत्यापन के बाद जो आवेदन गलत तथ्यों के साथ पाए गए उन्हें निरस्त कर दिया गया।
अब भी लंबित है चार हजार आवेदन
ज्ञानपुर। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के आवेदनों का सत्यापन करने में अधिकारी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अब भी 3937 आवेदन लंबित है। बीडीओ स्तर पर अधिक आवेदन लंबित है। बीडीओ औराई के पास 854, बीडीओ अभोली के पास 781 आवेदन लंबित है। इसी तरह तीनों एसडीएम, बीईओ, बीएसए, डीआईओएस, प्रोबेशन विभाग में भी लंबित आवेदन सत्यापित नहीं हो सका।
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