ज्ञानपुर।जिले में पिछले पांच वर्षों में सर्पदंश के कारण 22 लोगों की मौत हो गई। वहीं एंटी स्नेक वेनम वैक्सीन लगाकर करीब 500 से अधिक लोगों की जान बचाई गई। बारिश के सीजन में जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। लोग अक्सर जानकारी के अभाव में लोग अस्पताल नहीं जाते हैं। झाड़फूंक के चक्कर में पड़कर जान गंवा देते हैं। सर्पदंश की अधिकतर घटनाएं खेत में होती है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में वर्ष 2019 से 19 जुलाई 2024 तक सांप काटने से 22 की मौत हो चुकी है। वहीं करीब 500 से अधिक लोगों की जान बचाई गई। जिले के 26 स्वास्थ्य केंद्रों पर करीब 1205 एंटी स्नेक वेनम के वायल मौजूद हैं। एसीएमओ डॉ. बीएन सिंह ने बताया कि सांप काटने के बाद झांड फूंक के चक्कर में न पड़े, सीधे स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर वैक्सीन लगवाएं। कई लोग झांड, फूंक घरेलू उपचार के चक्कर में पड़ जाते हैं। मरीज को अंतिम समय अस्पताल लेकर पहुंचते हैं। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। सांप काटने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे और एंटी स्नेक वेनम लगवाएं। बताया कि जिले के तीन बड़े अस्पताल जिला चिकित्सालय, एमबीएस भदोही, सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल है। इसके अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी स्नेक वेनम वैक्सीन है। ग्रामीण अंचल और गंगा से सटे गांव में सांप काटने की घटना ज्यादा होती है।
इनसेट:
एक वायल तीन साल बाद बेकार
ज्ञानपुर। अक्तूबर 2023 से मई 2024 तक विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर 52 सांप काटने की घटनाएं सामने आई हैं। जिन्हें एंटी वेनम वैक्सीन लगाई गई है। एक वाॅयल तीन साल बाद बेकार हो जाता है। स्पायर वॉयल को बाॅयो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट को वापस कर दिया जाता है।
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जहरीले सांप की संख्या कम:
ज्ञानपुर। भदोही के रामपुर निवासी हुब लाल यादव (85) ने बताया कि यहां जहरीले सांप की प्रजाति बहुत कम है। सर्प दंश के बाद घबराहट के कारण अधिकतर लोगों की जान चली जाती है। कोबरा प्रजाति के सांप जहरीले होते हैं, इस प्रजाति के सांप यहां कम दिखते हैं। अधिकांश गेंहूआ, असल, दो मूंहा, कराईत, गूंगी, असड़िहा आदि प्रजाति के सांप दिखते हैं।
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इनसेट:
कहां कितने वैक्सीन की उपलब्धता:
जिला अस्पताल - 112
एमबीएस - 203
सौ शैय्या - 20
सुरियावां - 74
गोपीगंज - 30
औराई - 34
दुर्गागंज - 48
डीघ - 30
भदोही - 49
नोट: सभी 17 पीएचसी पर 10-10 वायल है।
नोट: बाकि एंटी स्नेक वेनम विभाग के स्टाेर में रखी गई है।
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इनसेट:
सांप डसने के लक्षण:
- सांप डंसने वाली जगह पर सूजन
- दर्द, ऐंठन के साथ उल्टी होना
- कंपकंपी लगना, सर दर्द करना
- पलकों का गिरना
- घाव के चारों ओर सूजन
- जलन होना, लाल होना
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इनसेट:
ऐस करे बचाव:
- तत्काल उपचार शुरु करें
- नजदीकिय स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे ।
- सर्पदंश के स्थान को स्थिर रखें।
- ब्लीडिंग होने पर खून को बहने दें।
वर्जन
बारिश के दिनों में सर्प दंश की घटनाएं अधिक होती है। जिसे लेकर तैयारी पूर्ण है, सभी स्वास्थ्य कंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम वैक्सीन उपलब्ध है। सांप काटने पर तत्काल वैक्सीन लगवाएं, इसमें देरी न करें।
- डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही