प्रदर्शनकारियों ने इसके लिए विभाग के उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया और आरोपी स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एएनएम का आने और जाने का कोई निर्धारित समय नहीं है। इसके चलते गांव की महिलाओं और बच्चों को टीकाकरण आदि के लिए समस्या का सामना करना पड़ता है।
वह कब आती हैं और चली जाती हैं, इसका किसी को पता नहीं चल पाता। कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाई जा रहीं तमाम योजनाओं का भी गांव के लोगों को लाभ नहीं मिल पाता।
जबकि ग्रामीणों की सुविधा के लिए इस केंद्र को गांव में स्थापित किया गया है। ऐसे में एएनएम के नियमित न मिलने से महिलाओं, बच्चों को टीकाकरण और अन्य जरूरतों के लिए दूरदराज के अस्पताल या केंद्र पर जाना पड़ता है।
प्रदर्शन करने वालों में ओम प्रकाश तिवारी, संतोष यादव, सलाहुद्दीन हाश्मी, विजय तिवारी, अखिलेश यादव, विजय पाल, मुकेश, रवि, मुंशी आदि शामिल थे। उधर इस आरोप पर केंद्र की एएनएम लक्ष्मी पांडेय का कहना है कि प्रतिदिन अप-डाउन करने से कभी-कभार लेट हो जाता है।
टीकाकरण और अन्य सभी कार्यक्रम समय क्रियान्वित किए जाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों के आरोपों को बेबुनियाद बताया।