ज्ञानपुर। पशुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने को लेकर संचालित पशु एबुलेंस पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है। बीते छह महीने में नौ हजार 892 पशुओं का उपचार हो सका है। पशुपालकों के कॉल पर तत्काल पहुंच रही पशु एबुलेंस के माध्यम से घर बैठे ही पशुओं को बेहतर उपचार हो रहा है।
जिले की 28 गोशालाओं में करीब साढ़े सात हजार गोवंश संरक्षित हैं। इसके अलावा पांच लाख पशुपालकों के पास सात लाख गोवंश संरक्षित हैं। कई बार मौसम की मार के कारण से तो कई बार परिस्थितियों के कारण गोवंश बीमार पड़ जाते हैं। पशुओं के बेहतर उपचार को तमाम गांवों में पाली क्लिनिक जरूर है, लेकिन पशुपालकों को उसका लाभ नहीं मिल पाता। मुख्यालय पर पशुपालकों को लेकर आने में तमाम परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में पशुपालकों के लिए पशु एबुलेंस सेवा वरदान साबित हो रहा है। पशुपालकों के 1962 पर एक कॉल करने के साथ ही तत्काल 30 मिनट के अंदर एंबुलेंस सीधे पशुपालक के घर पहुंच रही है। जिले के चार ब्लाक औराई, ज्ञानपुर, सुरियावां और डीघ में पशु एंबुलेंस संचालित है। जिला पशु एंबुलेंस मैनेजर अमित मिश्र ने बताया कि जिले में बीते छह महीने में 9 हजार 892 पशुओं का उपचार किया गया है। इसमें 3089 पशुओं का उपचार इमरजेंसी में किया गया, बाकि समान्य रुप से देखा गया है।