ज्ञानपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी खंड पर चल रहे करोड़ों के अधूरे प्रोजक्ट का रेल विकास निगम के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप गौर ने बुधवार को टीम के साथ जंगीगंज, अहिमनपुर, माधोसिंह, भीटी और हंडिया तक औचक निरीक्षण किया। कार्यों में हो रही देरी पर कार्यदायी संस्था और उसके अधीन सब कांट्रैक्टरों को फटकार लगाते हुए समय सीमा के अंदर कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराने की हिदायत दी।
दो वर्ष पहले रेल मंत्रालय की ओर से खंड को करोड़ों रुपये की सौगात देकर विद्युतीकरण, दोहरीकरण, नए भवन, प्लेटफार्म उच्चीकरण-सुंदरीकरण, ओवरफुट ब्रिज आदि कार्यों की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था जीडीसीएल को सौंपी गई थी। मगर माधोसिंह से हंडिया सेक्शन तक अभी न तो दोहरीकरण के कार्य पूर्ण कराए जा सके हैं और न ही अन्य कार्य। जीडीसीएल ने कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए स्थानीय सब कांट्रैक्टरों को अवसर दे दिया, जो उसके मानक पर खरा उतरने से पीछे होते नजर आ रहे हैं। गत दिनों भवन निर्माण में प्रयुक्त हो रहे सामग्रियों में मानक की अनदेखी, मिट्टी पटाई में लापरवाही समेत अन्य तरह के आरोप-प्रत्यारोप की शिकायत पर निरीक्षण में कई तरह की खामियां भी सामने आ चुकी हैं। कुछ सब कांट्रैक्टर तो पहले ही मैदान छोड़ चुके हैं, लेकिन बचे लोग निर्माण कार्यों में लापरवाही दिखाते हुए जानबूझ कर विलंब हो रहा है। हालांकि सीएमडी ने मौके पर उपस्थित निगम के अधिकारियों पर सख्ती बरतते हुए कांट्रैक्टर पर विशेष नजर रखने की बात कही। वहीं उनके बकाए आदि को वरीयता क्रम में रखकर अविलंब भुगतान कराने के निर्देश दिए। सीएमडी वाराणसी से सीधे जंगीगंज स्टेशन पर विशेष मोटर यान से पहुंचे थे। उसके बाद बाईरोड अन्य स्टेशनों का स्थलीय निरीक्षण किया। स्टेशनों पर आरवीएनएल के साथ सब कांट्रैक्टर से निर्माण में देरी का कारण पूछने पर भुगतान न होना बताया गया जिसको उन्होंने गंभीरता से लिया है।