ज्ञानपुर। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव कुमार सिंह ने फर्जी निवास प्रमाणपत्र से नौकरी करने पर भमौरा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता देवी की सेवा समाप्त कर दी। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर अनुपस्थित रहने पर कटरा प्रथम, द्वितीय, कोछिया प्रथम और द्वितीय के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय अग्रिम आदेश तक रोक दिया।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जिले में 1486 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें तीन हजार के करीब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्यरत हैं। कई कर्मी फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी प्राप्त कर लिए हैं। जैसे-जैसे जांच हो रही है, उन पर कार्रवाई भी हो रही है। वर्ष 2013 में फर्जी प्रमाणपत्र मिलने पर से औराई के भमौरा की कार्यकर्ता सुनीता देवी की सेवा समाप्त की गई थी, हालांकि वह कोर्ट चली गईं। तीन दिन पहले कोर्ट से रिट खारिज होने पर विभाग की ओर से दोबारा सेवा समाप्त की गई।
सप्ताह भर पहले डीपीओ राजीव कुमार सिंह ने सुरियावां के कोछिया प्रथम और द्वितीय आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया था। इसमें कार्यकर्ता अंजना दूबे और सरिता देवी अनुपस्थित रहीं। वहीं भदोही के कटरा में पूजा बरनवाल और नीतू केसरी भी केंद्र पर नहीं मिली थीं। चारों कार्यकर्ताओं का मानदेय रोकते हुए विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई। डीपीओ ने कहा कि केंद्रो पर समय से न पहुंचने या लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी। बताते चलें कि औराई ब्लॉक के कई केंद्रों पर काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की नियुक्ति पहले से ही विवादित रही हैं। उच्चस्तरीय जांच की जाए तो कई लोगों की गर्दन फंस सकती है। छह से सात साल पूर्व प्रकरण सामने आया था, लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।