जंगीगंज। जिला प्रशासन और पुलिस महकमें की उदासीनता से सर्विस लेन भी अतिक्रमण की जद में आ चुकी है। इससे राह चलना मुश्किल हो गया है। आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। एनएचआई भी इसको लेकर संजीदा नहीं है। अवैध ढंग से फलफूल रहे कालोनाइजर और बिना लाइसेंस के गिट्टी-बालू के कारोबारी इसे बढ़ावा देने से बाज नहीं आ रहे हैं। सबकुछ जानने के बाद भी पुलिस पंगू बनी है।
ढाई वर्ष से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दा पर सिक्सलेन का कार्य चल रहा है। दोनों छोर पर भारी भरकम नाला, प्रमुख चौराहे-तिराहे पर अंडरपास, डिवाइडर आदि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है लेकिन चिंता की बात तो यह कि अंडरपास ब्रिज के पूर्वी और पश्चिमी छोर को जोड़ने वाली सर्वि स लेन पर जंगीगंज-धनतुलसी मोड़, दौरियाही गांव के ठीक सामने, सूफीनगर, गोधना मोड़, कौलापुर, कठौता-दानूपुर मार्ग मोड़, कलिंजरा तिराहा, वहिदानगर तिराहा, बड़ागांव मोड़, मिर्जापुर तिराहा-गोपीगंज, पड़ाव-ज्ञानपुर स्टेशन रोड, औराई चौराहा, नटवां तिराहा यहां तक कि पूर्वी छोर अंतिम किनारा बाबूसराय बाजार, महाराजगंज बाजार तक गिट्टी-बालू रखकर कारोबारी अतिक्रमण कर लिए हैं। कोतवाली गोपीगंज, औराई और ऊंज थाने की पुलिस इसको नजर अंदाज कर रही है। जहां कारोबारी अतिक्रमण वाले स्थानों पर ट्रैक्टर आदि वाहनों लगाकर लोडिंग कराते रहने से आम राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती है। राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी, पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों का बराबर आवागमन होने के बाद भी अतिक्रमण पर ध्यान नहीं दिया जाता।