कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) और ऑल इंडिया कार्पेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएसन (एकमा) का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को प्रदेश सरकार के आला अधिकारियों से मिला।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे सीईपीसी चेयरमैन कुलदीप राज वाटल ने बताया कि अमेरिकी टैरिफ से उपजी स्थितियों से प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव एमएसएमई आलोक कुमार और सचिव एमएसएमई प्रांजल यादव को अवगत कराया गया है।
अधिकारियों को बताया गया कि 14 से 17 अप्रैल, तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में अंतराष्ट्रीय कालीन मेले का आयोजन होना है। केंद्र सरकार से आर्थिक सहयोग की अपेक्षा है।
सीईपीसी प्रशासनिक समिति के सदस्य और पूर्व एकमाध्यक्ष रवि पाटोदिया ने बताया कि अधिकारियों को भारतीय उत्पादों पर अमेरिका के 26 प्रतिशत टैरिफ के बाद कालीन उद्योग की स्थिति से अवगत कराया गया है।
कालीन उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 25 लाख लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहा है। कालीन उद्योग को नजरअंदाज करने से बेरोजगारी बढ़ेगी। अधिकारियों से राहत की मांग की गई। प्रशासनिक सदस्य पीयूष बरनवाल ने बताया कि मुलाकात के दाैरान प्रदेश सरकार चमड़ा उद्योग की तर्ज पर कालीन उद्योग के लिए भी अब अलग से निर्यात नीति बनाने पर सहमत हो गई है।
पदाधिकारियों का कहना है कि अलग से निर्यात नीति बनने से सरकार का कालीन उघोग पर अधिक फोकस रहेगा। इम्तियाज अंसारी ने बताया कि हमने आने वाले दिनों में अधिकारियों को भदोही आने का निमंत्रण भी दिया है।