दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े कथित हथियार तस्करी नेटवर्क के भंडाफोड़ के बाद शाहगंज थाने के हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद अहमद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार अहमद का आपराधिक सफर नगर के पुराना चौक स्थित अपने ननिहाल से शुरू हुआ था जहां रहकर उसने शुरुआती शिक्षा प्राप्त की थी।
मोहम्मद अहमद मूल रूप से मध्य प्रदेश के बिलासपुर क्षेत्र के गौरैया गांव का रहने वाला है, लेकिन बचपन से वह अपने नाना सफीउल्लाह के घर पुराना चौक में रह रहा था और यहीं का अपना पता बताता है।
उसने नगर के पक्का पोखरा स्थित एक मदरसे से प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। इसके बाद पुरानी बाजार स्थित एक कंप्यूटर सेंटर से कंप्यूटर का प्रशिक्षण लिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि किशोरावस्था के बाद उसकी संगत बदल गई और वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने लगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत की जा रही है। पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
2017 में हिस्ट्रीशीटर हुआ था घोषित : प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर के अनुसार वर्ष 2017 में उसे हिस्ट्रीशीटर घोषित किया गया था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट तथा अन्य गंभीर धाराओं में करीब दस प्राथमिकी दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह लंबे समय से जिले अपराध में सक्रिय है।
20 अप्रैल को घर पर पड़ा था छापा
इसी साल 20 अप्रैल को शाहगंज में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम आई थी।
नगर के पुराना चौक मोहल्ले में देर शाम छापा मारकर हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद अहमद को गिरफ्तार करने के बाद शाहगंज कोतवाली पहुंच गई। यहां क्षेत्राधिकारी गिरेंद्र कुमार सिंह से घटना के बारे में चर्चा की थी।
क्षेत्राधिकारी गिरेंद्र कुमार सिंह ने उस समय बताया था कि दिल्ली पुलिस ने पुराना चौक स्थित मकान में छापा मारकर कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है।
उसके कब्जे से पिस्टल-तमंचे जैसे नौ असलहे बरामद हुए हैं। उसके खिलाफ दिल्ली में आर्म्स एक्ट के तहत पहले से प्राथमिकी दर्ज है।