ज्ञानपुर। जिले में अब सीएचसी व पीएचसी के अधीक्षकों की तैनाती साक्षात्कार के आधार पर की जाएगी। साक्षात्कार के आधार पर ही उन्हें सीएचसी या पीएचसी भेजा जाएगा। छह महीने के मूल्यांकन के बाद अगर वे अधीक्षक की जिम्मेदारी अच्छे से नहीं संभाल पाते हैं तो दोबारा साक्षात्कार कराया जाएगा। जिसमें असफल होने पर उन्हें हटाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाएगी। साक्षात्कार जिलाधिकारी की मौजूदगी में होगी। इस पैनल में सीएमओ भी होंगे।
जिले में छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भानीपुर, गोपीगंज, औराई, डीघ, भदोही, सुरियावां है। इसके अलावा 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) है। यहां रोजाना 1600 से 1800 की ओपीडी होती है। मरीजों की जांच पड़ताल करके दवा दी जाती है। इन केंद्रों पर तमाम तरह की सुविधाओं व संसाधनों का विस्तार हुआ है, लेकिन कई सीएचसी पर अधीक्षक कुंडली मार कर बैठे हैं। वर्तमान में डीघ, सुरियावां, गोपीगंज, भानीपुर के अधीक्षक तीन साल से अधिक समय से केंद्र पर तैनात है। इसकी जिनके कार्य प्रणाली को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहते हैं। गोपीगंज व डीघ सीएचसी अधीक्षक चार साल से तैनात हैं। जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने अधीक्षक नियुक्ति में पारदर्शिता लाने के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया। जिसके लिए बकायदा पैनल गठित करने का आदेश दिया गया। पैनल का मुखिया जिलाधिकारी खुद होंगे।
डीएम व सीएमओ लेंगे साक्षात्कार
अधीक्षक की नियुक्ति पारदर्शी हो सके। इसके लिए डीएम व सीएमओ पैनल में शामिल होंगे। दोनों की मौजूदगी में साक्षात्कार लिया जाएगा। जिसमें सफल होने पर उन्हें संबंधित सीएचसी या पीएचसी की जिम्मेदारी मिलेगी। अगले छह महीने तक उनके कार्यों का मूल्यांकन भी होगा। अगर उस पर खरे नहीं उतरते हैं तो दोबारा साक्षात्कार लिया जाएगा। सफल होने पर ही दोबारा अधीक्षक का दायित्व सौंपा जाएगा।
अधीक्षक की तैनाती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। साक्षात्कार पैनल में जिलाधिकारी भी होंगे। जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी। - डॉ. एसके चक, सीएमओ।