ज्ञानपुर । राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सख्त रुख के बाद चौरी थाना क्षेत्र के रोटहा स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से जान गंवाने वाले 12 मृतकों के परिजनों व चार घायलों को चार वर्ष बाद आर्थिक सहायता के रूप में 68 लाख रुपये दे दिए गए हैं। मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख और घायलों को दो-दो लाख रुपये मिले हैं। इसकी पुष्टि घटना में घायल फातिमा ने भी की है। मृतक आबिद व इरफान के पिता कलियर मंसूरी ने भी सहायता मिलने की बात कही है।
जानकारी के मुताबिक 23 फरवरी 2019 को भदोही-वाराणसी मार्ग के किनारे रोटहा में अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हो गया था। इससे आसपास के दो मकान भी जमींदोज हो गए थे। घटना में 12 लोगों की मौत हो गई थी। चार लोग घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई थी। इसमें चार सिपाहियों को निलंबित भी किया गया था। पीड़ित परिवारों ने आर्थिक सहायता देने की मांग की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ितों ने मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया था। आयोग ने हस्तक्षेप करते हुए 24 फरवरी 2019 की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर शासन को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था। शासन के जवाब से असहमत आयोग ने सरकार को हादसे में जाने गंवाने वालों के परिजनों और घायलों को मुआवजा दिए जाने का निर्देश दिया था। इसके बाद शासन की ओर से पीड़ित परिवारों के बैंक खाते में सहायता राशि भेज दी गई।