औराई। जिले में ट्रक बेचने के नाम पर 33 लाख रुपये का फ्राड किए जाने का मामले सामने आया है। हैबतपुर निवासी अधिवक्ता ने जिले में एसके मोटर्स फर्म और दो अन्य पर मुकदमा कराया है।
आरोप है कि बिना ट्रक मालिक के जानकारी के ही करीब 33 लाख रुपये का सौदा कर लिया गया है। ट्रक मालिक को फोन करने पर मामले का खुलासा हुआ। पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
हैबतपुर निवासी अधिवक्ता रामअनुज तिवारी को 16 चक्का ट्रक लेना था। इसके लिए वे यूट्यूब व अन्य जगहों पर सेकेंड हैंड ट्रक की तलाश कर रहे थे। इस बीच उन्हें यू ट्यूब पर एसके मोर्टर्स के नाम से ट्रक बेचने वाला एक प्लेटफार्म दिखा।
जिस पर दिए गए नंबर पर उन्होंने फोन किया तो ओमप्रकाश यादव ने फोन उठाया। जिसके बाद उसने 30 मार्च को अधिवक्ता को ट्रक देखने के लिए औराई बुलाया। जिसके बाद वे औराई गए तो उसने औराई हाईवे से दो-किमी आगे एक ट्रक को दिखाया और आरसी व चाभी चुराकर गाड़ी चेक कराया। इसके बाद गाड़ी का आरसी भी दे दिया।
इस पर जब उन्होंने ओमप्रकाश ने गाड़ी मालिक से एग्रीमेंट कराने के बारे में पूछा तो बताया कि सब काम का एग्रीमेंट नहीं होता। हालांकि इसके बाद तीन अप्रैल को ट्रक का एग्रीमेंट कराया और सौदा 33 लाख में तय हुआ।
इसके बाद उन्होंने तीन लाख चेक दिया और 30 लाख रुपये के लिए स्टेट बैंक का ब्लैंक चेक दिया। आरोप लगाया कि ओमप्रकाश यादव ने पिंटू यादव के नाम से भुगतान कराया।
इसके बाद पेपर कम्लीट किए जाने के नाम पर 11 दिन बिता दिया। इस बीच उन्होंने ट्रक मालिक से संपर्क किया तो उसने बताया कि उनका किसी से एग्रीमेंट नहीं हुआ। जिससे बाद उनके साथ फ्राॅड का पता चला। पीड़ित ने कोतवाली पहुंच कर तहरीर दी।
जिसके बाद पुलिस ओमप्रकाश यादव, पिंटू यादव और एसके मोटर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। अधिवक्ता की शिकायत के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मोबाइल नंबर इत्यादि से आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।