ज्ञानपुर। देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा बृहस्पतिवार को विधि विधान से पूजे गए। कल कारखानों, विद्युत उपकेंद्रों औद्योगिक शिक्षण संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठानों तक में पूजन अर्चन किया गया। कोरोना वायरस के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हुए, हालांकि गीत-संगीत प्रतिष्ठानों में बजते रहे।
ज्ञानपुर नगर सहित आसपास के पटेल नगर, अछवर व अन्य गांव, नगर व बाजारों में विश्वकर्मा पूजनोत्सव की धूम दिखी। प्रतिष्ठानों में श्रद्धालुओं ने देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की छोटी प्रतिमा स्थापित कर पूजन अर्चन किया। ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर भगवान विश्वकर्मा की स्तुति में भक्ति गीत बजते रहे तो मंत्रोच्चार की गूंज भी सुनाई पड़ती रही। ज्ञानपुर के पटेल नगर में सीताराम विश्वकर्मा की दुकान में पूजा अर्चन किया गया। इस मौके पर राजाराम विश्वकर्मा, बच्चू लाल, रामलाल, राममूरत, रामसूरत, लालधर, सुरेश, सुजीत, राकेश, सोनू, मोनू, अजीत आदि रहे।
सरोई संवाददाता के अनुसार, शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा का पूजन उत्सव गुरुवार को धूमधाम से मनाया गया। बनकट, सरोई गांव में श्री विश्वकर्मा पूजा समिति, बाल समिति और युवा समिति के पदाधिकारियों ने मूर्ति की स्थापना कर विधान पूर्वक पूजन अर्चन किया। इस मौके पर सुजीत विश्वकर्मा, सूरज विश्वकर्मा, उमेश विश्वकर्मा, ललित विश्वकर्मा, सोनू विश्वकर्मा, रितिक विश्वकर्मा, रोशन विश्वकर्मा, सुमित विश्वकर्मा, सूरज विश्वकर्मा, आशीष विश्वकर्मा, रमेश, अंकित विश्वकर्मा आदि रहे।
इसी तरह राजपुरा चौराहा, हरीरामपुर मोटर मंडी, बभनौटी बाजार और असनांव में विश्वकर्मा भगवान की जयंती मनाई गई। गोपीगंज नगर सहित आसपास क्षेत्रों में कल कारखानों, विद्युत उपकेंद्रों, औद्योगिक शिक्षण संस्थानों संग अन्य प्रतिष्ठानों में में विधि विधान से देवशिल्पी का पूजन अर्चन किया गया। लोगों को प्रसाद स्वरूप मिठाइयां वितरित की गईं तो साथ ही भजन कीर्तन हुआ। राजमार्ग स्थित विद्युत उपकेंद्र सहित नगर और आसपास के इलेक्ट्रॉनिक दुकानों में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर सजावट के बाद माल्यार्पण कर पूजन अर्चन किया गया।