रियावां (भदोही)। पांडेयपुर के मूल निवासी और मुंबई के बड़े कारोबारी सुभाषचंद्र पांडेय ने अपने कार्य से औरों के लिए मिसाल पेश की है। वरुणा नदी पर जिस पुल के निर्माण के लिए ग्रामीण वर्षों से जनप्रतिनिधियों और शासन से गुहार लगाकर थक गए थे, उसे सुभाषचंद्र पांडेय ने निजी खर्च पर लगभग तैयार करा दिया है। 90 फीसदी से अधिक बन चुके पुल के चालू होने पर भदोही से जंघई की दूरी सात किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
नागरिक और व्यापारी एक दशक से अभिया बाजार के पश्चिम पांडेयपुर और कसेरवा के मध्य वरुणा नदी पर पुल बनाने की मांग जनप्रतिनिधियों से कर रहे थे। तीन माह पूर्व आसपास के करीब 12 गांवों के लोगों ने पंचायत कर खुद पुल बनाने पर आम सहमति बनाई और पुल की आधारशिला भी रख दी। लेकिन, जब धन जुटाने की बात आई तो एकजुटता नहीं दिखी। पुल निर्माण खटाई में पड़ते देख पांडेयपुर के समाजसेवी सुभाषचंद्र पांडेय आगे आए। 15 लाख की लागत से बन रहे पुल का लोकार्पण 19 जून को होगा। करीब दो माह पूर्व शुरू हुआ पुल निर्माण अंतिम दौर में पहुंच गया है। पुल बनने से जंघई से सुरियावां और भदोही की दूरी सात किमी घट जाएगी। सुभाष चंद्र ने बताया कि पुल निर्माण में अब तक 12 लाख खर्च हो चुके हैं। निर्माण पूरा होने में 15 से 18 लाख तक खर्च होंगे। बताते चलें कि पुल भदोही और जौनपुर के लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। इससे प्रतापगढ़, मछलीशहर, बादशाहपुर के लोग सीधे अभिया होकर मिर्जापुर आसानी से पहुंच सकेंगे। बसेरवां के प्रधान राकेश पांडेय और अभिया के बंतेश सिंह ने कहा कि यह अच्छी पहल है।