चीनी स्टाक रूम का निरिक्षण करती टीम। स्रोत विभाग
चीनी की जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए रविवार को प्रशासन की टीम ने जिले की तीनों तहसीलों में 11 कारोबारियों ककी दुकानों का निरीक्षण किया। सभी के यहां भंडारण भारत सरकार की निर्धारित 4,000 क्विंटल की सीमा के भीतर पाया गया।
देश भर में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर शासन गंंभीर है। डीएम के निर्देश पर रविवार को उप जिलाधिकारी अरूण दीक्षित, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक, खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक, मंडी समिति गोपीगंज एवं राज्य कर अधिकारी की टीम ने गोपीगंज क्षेत्र में भोला नाथ एंड संस, केशरवानी भंडार, पवन ट्रेडर्स, आरपी ट्रेडर्स, श्री बालाजी एंटरप्राइजेज, रामचंद्र ब्रदर्स, कामता नाथ ट्रेडर्स, शिवम भंडार एवं न्यू माखन भोग सहित कुल नौ प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इसी तरह औराई एसडीएम शिवेंद्र कुमार वर्मा ने प्रकाश ट्रेडर्स और भदोही में प्रमोद किराना स्टोर का भी निरीक्षण किया। जांच के दौरान किसी भी दुकान और प्रतिष्ठान पर चीनी का स्टॉक निर्धारित मात्रा से अधिक नहीं पाया गया। व्यापारियों को निर्देशित किया गया कि वह खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर स्टॉक का पंजीकरण कराने और प्रत्येक शुक्रवार को स्टॉक की जानकारी अपडेट करने के निर्देश दिए। साथ ही 30 दिन से अधिक समय तक चीनी का भंडारण नहीं करने को कहा गया। निर्धारित स्टॉक सीमा का उल्लंघन मिलने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई।