ज्ञानपुर। जिले में दो दिवसीय भ्रमण पर आए कमिश्नर के राम मोहन राव ने शनिवार को छह गावों में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी। डेरवां में शिकायत मिलने पर कोटेदार के खिलाफ जांच जबकि नायब तहसीलदार समेत छह अधिकारियों का एक माह का वेतन रोकने का निर्देश दिया। सभी को चेतावनी दिया कि कार्यशैली में सुधार लाएं अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त विंध्याचल मंडल के राममोहन राव सुबह 10 बजे पूर्व माध्यमिक विद्यालय डेरवां भवानीपुर पहुंचे। आयुक्त को ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को बारी-बारी से बताया। गांव में आठ घंटे बिजली मिलने पर विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया। ग्रामीणों ने यूपी 100 पुलिस की शिकायत किया। कहा कि जब पुलिस आती है तो दोनो पक्षों से पैसा लेती है, जिस पर कमिश्नर ने सीओ को देखने का निर्देश दिया। आयुष्मान कार्ड कम बनने पर सीएमओ को कैंप लगाने के लिए कहा। बासूपुर में जाने का रास्ता न होने पर लेखपाल और उपजिलाधिकारी को निर्देश दिया कि रिपोर्ट बनाएं। आयुक्त ने डेरवा के कोटेदार की शिकायत पर जांच कर कार्रवाई के लिए कहा। गांव के राजकुमार बिंद ने घर गिरने की शिकायत की तो उसे सहायता राशि चार दिन में उपलब्ध कराने के लिए कहा। इसके बाद कमिश्नर प्राथमिक विद्यालय केवटाही, प्राथमिक विद्यालय कसिदया प्रथम में चौपाल लगाकर लोगों की समस्या सुनी। उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर को निर्देश दिया कि कोटेदार, सेकेटरी, लेखपाल, सप्लाई इंपेक्टर, बिजली विभाग के अधिकारियों का एक सप्ताह में बैठक कराकर व्यवस्था दुरूस्त करें। पूर्व माध्यमिक विद्यालय क्षत्रसाहपुर में स्कूल के शिक्षकों से पहाड़ा पढ़ने के लिए कहा लेकिन वह नहीं पढ़ सके। शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाते हुए हेडमास्टर राधेश्याम यादव का वेतन रोक दिया। गावों में चौपाल के दौरान कमिश्नर ने बिजली विभाग के जेई अभिषेक प्रजापति, नायब तहसीलदार औराई, लेखपाल डेरवा और पूर्ति निरीक्षक अमरेश भटनागर का एक-एक माह का वेतन रोका। पूर्ति विभाग के अफसरों से कहा कि चार दिन के अंदर जितने लोग पात्र है, जॉच करा इनको पात्र गृहस्थी में सम्मलित करे, अन्यथा निलंबन आर्डर तैयार होगा। छत्रशाहपुर में जल निगम के अधिशासी अभियंता और लेखाल का वेतन रोकने का निर्देश दिया।