प्रदेश में अधिवक्ताओं की हत्या के बाद अपराधियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज जिले के अधिवक्ताओं ने दीवानी न्यायालय परिसर में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर सरकार विशेष कदम उठाए। मृत अधिवक्ताओं के परिवार वालों को 50 लाख मुआवजे की मांग की गई।
बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शुक्रवार को डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ता लामबंद हो गए। दीवानी परिसर में एकत्र अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि प्रदेश सरकार के लचर रवैये के चलते प्रतापगढ़, कानपुर और लखनऊ में एक-एक करके अधिवक्ताओं की हत्या की गई।
घटनाओं के बाद आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। सरकार की ओर से दिवंगत अधिवक्ताओं के परिवार वालों को मुआवजा भी नहीं दिया गया। अपराधियों को पकड़ने के बजाए अधिवक्ताओं को निशाना बनाने में पुलिस पीछे नहीं हटती।
प्रदेश सरकार से अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठान, दिवंगत अधिवक्ताओं के परिवार वालों को 50 लाख मुआवजा दिलाने की मांग की गई। इस दौरान प्रदर्शन करने वालों में डिबाए के अध्यक्ष हरिवंश पांडेय, महामंत्री मुन्नर यादव, शशि श्रीवास्तव, शरद चंद्र श्रीवास्तव, वीके सिंह सहित कई वकील मौजूद रहे।