ज्ञानपुर। जिले में 11 अगस्त से बड़े स्तर पर अल्ट्रासाउंड सेंटर और निजी क्लीनिकों की जांच शुरू होगी। इसके लिए डीएम ने स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम गठित की है। इसका नोडल संबंधित तहसील के एसडीएम को बनाया गया है। जांच के उपरांत सबकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अगर गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित सेंटर को सील करने के साथ ही एफआईआर भी कराई जाएगी।
जिले में निजी क्लीनिक और अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर अक्सर गड़बड़ियां मिलती रहती हैं। समय-समय पर इसकी शिकायत मिलने पर विभागीय स्तर पर जांच पड़ताल भी कराई जाती है। इसके बाद भी कई क्लीनिक संचालक और अल्ट्रासाउंड सेंटर मानकों की अनदेखी कर सेंटरों का संचालन करते हैं। कई क्लीनिक व अल्ट्रासाउंड ऐसे हैं कि वे जिस चिकित्सक के नाम पर संचालित होते हैं, वे वहां मिलते ही नहीं हैं। अप्रशिक्षित लोगों द्वारा प्रसूताओं का अल्ट्रासाउंड कराया जाता है। दो दिन पहले ही डीएम के निर्देश के बाद सीएमओ डॉ. एसके चक ने बड़ी कार्रवाई की। हर सेंटर पर कोई न कोई गड़बड़ी मिली थी। इसके कारण सभी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई। अब एक बार फिर से सभी सेंटरों की जांच कराई जाएगी। इसके लिए डीएम ने संबंधित तहसीलों के एसडीएम को नोडल अधिकारी नामित किया है। वहीं विभागीय स्तर पर तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है, जो निजी क्लीनिक और अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांचकरेगी। अगर मानक में कमी पाई जाती है तो सेंटर को तत्काल सील किया जाएगा। सभी के खिलाफ एक साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। आगामी 11 से 31 अगस्त के बीच बड़े स्तर पर यह अभियान चलेगा।