इन संसाधनों की है जरूरत
04 बड़े वाहन
04 छोटे वाहन
06 फायर बुलेट
विभाग के पास उपलब्ध संसाधन
02 बड़े वाहन
02 छोटे वाहन
02 फायर बुलेट
नहीं है हाइड्रोलिक और वाटर बाउजर वाहन
जिले में भदोही, औराई, ज्ञानपुर, सुरियावां और गोपीगंज में बड़ी-बड़ी इमारतें हैं। अगर इन इमारतों में अगलगी की घटना होती है तो बचाव के लिए विभाग के पास पर्याप्त इंतजाम नहीं है। अग्निमशन विभाग के पास न तो हाइड्रोलिक है और न ही वाटर बाउजर वाहन।
तंग गलियां बढ़ाती हैं मुसीबत
जिले की सबसे बड़ी नगर पालिका भदोही है। 28 वार्ड में फैले इस नगर के कई क्षेत्र काफी घने हैं। तंग गलियां अगलगी की घटनाओं के लिहाज से गंभीर खतरे का संकेत दे रही हैं। यदि एक साथ दो या उससे अधिक स्थानों पर आग लग जाए तो हालात पर काबू पाना विभाग के लिए चुनौती है।
केस-एक
18 मई 2025 को भदोही नगर के रजपुरा स्थित रामलीला मैदान में कालीन की कतरन और ऊल के धागों की बुजबुन कंपनी में आग लग गई थी। इसको बुझाने में दमकल विभाग को काफी परेशानी हुई। रूई कारखाना मालिक मोहम्मद रोशन अली उर्फ रोशन कबाड़ी के मुताबिक अगलगी में 25 लाख रुपये का नुकसान हो गया था। आग पर काबू पाने के लिए जौनपुर और वाराणसी के अग्निशमन विभाग की मदद लेनी पड़ी थी।
केस-दो
19 नवंबर 2025 में भदोही नगर के सहाबाबाद मोहल्ले में सभाशंकर यादव की कालीन कंपनी में आग लगने से कालीन, कच्चा माल जलकर नष्ट हो गया था। इस घटना में सुहाई राम यादव (75) की जलकर मौत हो गई थी। अलगली में 20 लाख से अधिक का नुकसान हुआ था। इसमें प्रयागराज और मिर्जापुर से अग्निशमन वाहनों को बुलाना पड़ा था।
साल 2025 में 322 घटनाओं में 20 करोड़ का जोखिम, 14.38 करोड़ बचाया गया
अग्निशमन विभाग के मुताबिक साल 2025 में अगलगी की 322 घटनाएं हुईं। इसमें 20 करोड़ सात लाख 97 हजार के जोखिम में से विभाग की ओर से 14 करोड़ 38 लाख 28 हजार 200 के सामान को क्षति होने से बचाया गया। जबकि पांच करोड़ 69 लाख 68 हजार के सामान की क्षति हुई।
जिले में आग बुझाने के लिए दो बड़े और दो छोटे वाहन हैं। इसमें एक माघ मेले में भेजा गया है। एक-दो दिनों में आने की संभावना है। दूसरा आजमगढ़ भेजा गया है। वह भी जल्द ही आ जाएगा। अगलगी की घटनाओं को रोकने के लिए विभाग की ओर से हर संभव प्रयास किया जाता है। संसाधनों की कमी के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
- ओम प्रकाश, अग्निशमन अधिकारी