ज्ञानपुर। महिला सशक्तीकरण को मजबूती और शिशु मृत्यु दर को रोकने में दो बच्चों के बीच तीन वर्ष का अंतराल जरूरी है। यह तभी संभव होगा जब रूढ़िवादी सोच लोगों की बदलेगी। उक्त बातें शनिवार को जिला अस्पताल में विश्व जनसंख्या नियंत्रण पखवारा जागरूकता कार्यक्रम में डीएम राजेंद्र प्रसाद ने कहीं।
उन्होंने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार कल्याण और स्वास्थ्य विभाग तरह-तरह के पहल भी कर रहे हैं, लेकिन अज्ञानता के अभाव में अक्सर देखा जा रहा है कि कम उम्र में शादी के बाद गर्भ धारण होते ही महिलाएं विभिन्न प्रकार की बीमारियों की जद में आ जाती हैं। प्रसव के दौरान मातृ-शिशु को बचा पाना मुश्किल हो जाता है। सीएमओ डॉ.लक्ष्मी सिंह ने कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परिवार नियोजन मानव का अधिकार है। बिहार सरकार ने 2020 तक लगभग 70 लाख नए परिवारों को गर्भनिरोधक संसाधनों के प्रति जागरूकता लाकर मातृ-शिशु मृत्यु दर को रोकने में सफलता पाई है। उसी तरह का प्रयास विभाग भी कर रहा है। कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य कर्मचारी नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक पहुंच कर परिवारों को इसके प्रति जागरूक भी करना शुरू किया हैं।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.प्रभात, रामगुलाम वर्मा, मलेरिया अधिकारी राम आसरे पाल, रोहिताश दुबे, विनय आदि रहे।