कोतवाली क्षेत्र के भवानीपुर गांव निवासी एक कालीन बुनकर ने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। शनिवार की सुबह परिजनों को इसकी जानकारी हुई। युवक के पिता का एक दिन बाद ही वार्षिक श्राद्ध भी था।
उसकी पत्नी मायके में थी। बताया जा रहा है कि पत्नी बीते कुछ समय से बीमार चल रही थी। युवक ने आत्महत्या क्यों की, इसकी वजह किसी को भी पता नहीं चल सकी।
भावनीपुर गांव निवासी 27 वर्षीय बाल कृष्ण शुक्ला उर्फ मोनू घोसिया के एक कालीन कंपनी में बुनाई का काम करता था। इसके पिता स्वर्गीय भोलानाथ शुक्ल की बीते साल ही देहांत हो गया था। रविवार को उनका वार्षिक श्राद्ध भी था। जिसकी तैयारी चल रही थी।
शुक्रवार की रात परिवार के लोग खाना-पीना खाकर सोने चले गए। शनिवार की सुबह जब काफी देर तक बालकृष्ण अपने कमरे से बाहर नहीं आया तो परिजन उसे जगाने गए, लेकिन काफी आवाज देने पर भी वह नहीं उठा।
परेशान परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर गई तो बाल कृष्ण कमरे में फंदे के सहारे झूल रहा था। जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक ने यह कदम क्यों उठाया। परिजन भी नहीं समझ पा रहे हैं। युवक की एक साल पहले ही शादी हुई थी। उसकी पत्नी अक्सर बीमार रहती थी। उसे कोई बच्चा नहीं था। घटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची और जांच की।