ज्ञानपुर। लगभग दो साल से लगातार अनुपस्थित चल रहे जिले के आठ अध्यापकों की सेवा समाप्ति की तैयारी है। शिक्षा महकमे ने शिक्षकों को अंतिम नोटिस भेजकर 15 दिन के अंदर उपस्थित होने का निर्देश दिया है। पखवारेभर में स्पष्टीकरण न प्रस्तुत करने पर नौकरी समाप्त कर देने की चेतावनी दी गई है।
बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए तमाम प्रयास बेजा साबित हो रहे हैं। प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सरकार प्रति वर्ष नए शिक्षकों की तैनाती करती है। अच्छा खासा वेतन पाने के बाद भी कुछ शिक्षक निजी कारोबार के चक्कर में विद्यालय को खास तरजीह नहीं देते। एक-दो महीने नहीं, बल्कि एक से दो साल तक लगातार विद्यालय से अनुपस्थित रहने का मामला जिले में आया है। विभागीय स्तर से ऐसे अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। ऐसे शिक्षकों को कई बार नोटिस भेजने के बाद भी स्पष्टीकरण न देने पर विभाग ने अंतिम नोटिस जारी करते हुए स्थिति स्पष्ट करने के लिए 15 दिन का समय निर्धारित कर दिया है। पखवारे भर में विभाग को अपना स्पष्टीकरण न देने पर इन शिक्षकों की नौकरी समाप्त कर दी जाएगी। जिले में दो साल से अनुपस्थित चल रहे प्राथमिक विद्यालय चौगना सुरियावां की अध्यापिका कल्पना आनंद, पूर्व माध्यमिक विद्यालय छेछुआ के शिक्षक प्रतीक उपाध्याय, प्राथमिक विद्यालय सागररायपुर की अध्यापिका अर्चना सिंह, प्राथमिक विद्यालय मसुधी के शिक्षक श्रीकांत जोशी, प्राथमिक विद्यालय गोपीगंज द्वितीय की शिक्षिका बिंदू सिंह, प्राथमिक विद्यालय फुलवरिया की शिक्षिका प्रतिभा कुमारी, प्राथमिक विद्यालय पुरुषोत्तमपुर की शिक्षिका कल्पना सिंह चौहान और प्राथमिक विद्यालय होलपुर के शिक्षक अनिल कुमार शुक्ल को नोटिस भेजकर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्कंद शुक्ल ने कहा कि छह महीने में करीब तीन नोटिस भेजकर शिक्षकों को उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था, लेकिन शिक्षक विद्यालय पर नहीं पहुंचे। शिक्षकों को विभागीय स्तर से अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया है। पखवारे भर में विद्यालय न आने पर उनकी नौकरी समाप्त कर दी जाएगी।