औराई। क्षेत्र के महथुआ गांव में डायरिया के कहर से हड़कंप मच गया। चार दिनों के अंदर चाचा और भतीजे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। छह लोग निजी और सरकारी अस्पतालों में जीवन और मौत से जूझ रहे हैं।
महथुआ गांव में डायरिया के प्रकोप से पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। 14 अगस्त को ब्रह्मदेव मिश्रा के पौत्र विभांशु मिश्रा (01) डायरिया से पीड़ित था। उल्टी दस्त होने के बाद परिवार वाले निजी अस्पताल लेकर जा रहे थे कि उसने दम तोड़ दिया। उसी दौरान डायरिया की चपेट में विभांशु के चाचा मनोज मिश्रा (35) पुत्र ब्रह्मदेव मिश्रा भी आ गए।
रविवार की सुबह इलाज के दौरान हालत चिंताजनक होने पर परिवार वाले एंबुलेंस से सीएचसी लेकर आ रहे थे कि उसकी मौत हो गई। चार दिनों के अंदर परिवार में दो मौत से घर वाले परेशान हो गए हैं। डायरिया से ब्रह्मदेव मिश्रा (60), मृतक विभांशु का बड़ा भाई आदर्श (03) पुत्र दिलीप मिश्रा का गोपीगंज एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इसी तरह गांव के प्रेमशंकर तिवारी (55) सहित करीब आधा दर्जन लोग डायरिया का इलाज निजी अस्पताल और सरकारी अस्पतालों में करा रहे हैं। मृतक विभांशु की माता सत्यवती का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एक बेटे की मौत और दूसरे के अस्पताल में भर्ती होने से वह अपना सुधबुध खो बैठी है।
रविवार को सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम महथुआ गांव पहुंची। टीम में डा. दिनेश सिंह, हेल्थ सुपरवाईजर सदानंद दूबे, स्वतंत्र कुमार श्रीवास्तव, बेसिक हेल्थ वर्कर रविंद्र कुमार गांव में भ्रमण किया। उसके बाद 10 कुओं में ब्लीचिंग, प्रदूषित स्थानों पर डीडीटी का छिड़काव, 50 लोगों को क्लोरिन की गोली दी गई। ग्रामीणों को हिदायत दी गई कि गांव में गंदगी न फैलाएं। खाना और पानी को साफ रखें।
उधर इस संबंध में औराई चिकित्सा प्रभारी डा. रामकुंवर ने कहा कि डायरिया को लेकर पहले विभाग को सूचित नहीं किया गया। वहां टीम भेजकर स्थिति को संभाला जा रहा है।