ज्ञानपुर (भदोही)। बाल विकास एवं पुष्टाहार योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितता की गाज आखिरकार जिला कार्यक्रम अधिकारी नीलम मेहता पर गिर गई। डीएम के पत्र पर शासन ने डीपीओ को निलंबित कर दिया है। निलंबन की खबर लगते ही कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। वेदपुर में दो माह पूर्व डीएम के निरीक्षण के दौरान दूसरे के घर में मिले दो सौ बोरी पोषाहार के मामले में यह कार्रवाई हुई है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार योजना के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों पर चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं में व्यापक पैमाने पर जिले में खामियां पकड़ी जा चुकी हैं। शिकायत मिलने पर दो महीने पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय ने सीडीपीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान 200 बोरी पोषाहार गोदाम के बजाए वेदपुर गांव के एक युवक के यहां पाया गया था।
इस मामले में चार कर्मचारियों और सीडीपीओ के खिलाफ ज्ञानपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले में दो कर्मचारियों को जेल भेजा गया। शासन की संस्तुति पर सीडीपीओ ज्ञानपुर समेत चार अन्य कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई थी। जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय ने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितता की शिकायत शासन से की थी। डीएम के पत्र को संज्ञान में लेते हुए शासन ने जिला कार्यक्रम अधिकारी नीलम मेहता को निलंबित कर दिया।
निलंबन की खबर लगते ही विभागीय कर्मचारियों की धुकधुकी बढ़ गई है। प्रभारी जिलाधिकारी केएन सिंह ने कहा कि निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि शासन से निलंबन का पत्र आ चुका है।