ज्ञानपुर। पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे जिले को शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से तगड़ा झटका लगा है। शिक्षकों के तबादले के बाद जिले के 30 विद्यालय शिक्षकविहीन हो गए हैं। 110 विद्यालयों में महज एक शिक्षक रह गए हैं। उनके विभागीय कामकाज से कार्यालय जाने पर विद्यालय में पठन-पाठन पूरी तरह बाधित हो जा रहा है। 30 विद्यालय शिक्षामित्रों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के भरोसे चल रहे हैं।
जिले के एक हजार से अधिक प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ा रहे करीब 2200 शिक्षक-शिक्षिकाओं में से लगभग आठ सौ अध्यापक अंतर्जनपदीय स्थानांतरण कराकर अपने गृह जनपद चले गए। इसके बाद जिले के एकल विद्यालय जहां खाली हो गए, वहीं दो शिक्षकों वाले विद्यालय एकमात्र शिक्षक के भरोसे हो गए हैं। ज्ञानपुर विकास खंड के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की स्थिति पर नजर डाली जाए तो 82 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में तीन शिक्षकविहीन और 16 एकल हो गए हैं। शिक्षकविहीन विद्यालयों में पूर्व माध्यमिक विद्यालय कूबी हरदोपट्टी, दयाराम डेहरिया, दशरथपुर शामिल हैं। इसी तरह एक प्राथमिक विद्यालय शिक्षकविहीन और छह एकल हैं। डीघ, औराई, भदोही में शिक्षकविहीन और एकल विद्यालयों की संख्या ज्ञानपुर के सापेक्ष अधिक है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 30 विद्यालय शिक्षकविहीन और 110 विद्यालय एकल हो गए हैं। शिक्षक विहीन हो चुके विद्यालयों का ताला शिक्षामित्र और आंगनबाड़ी कार्यकत्री खोल रही हैं। एकल स्कूलों के शिक्षक कार्यालय के कार्यवश अगर अन्यत्र जा रहे हैं तो शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो जा रही है।
उप बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रमा प्रसाद ओझा ने कहा कि अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से विद्यालयों में शिक्षकों की कमी हो गई है। उन्होंने कहा कि विशिष्ट बीटीसी के तहत चयनित 59 शिक्षकों और गैर जनपद से जिले में आए करीब 250 शिक्षकों को खाली और एकल विद्यालयों में समायोजित किया जाएगा। दो से तीन दिनों में ऐसे विद्यालयों में कम से कम एक या दो शिक्षकों को रखा जाएगा।