कोरोना संक्रमण काल में भी पहली बार गर्भवती होने वाली जिले की 963 महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 48 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन अलग-अलग किश्तों में यह रकम खाते में भेजी गई। 2017 से अब तक करीब 31118 महिलाएं योजना का लाभ ले चुकी हैं।
गर्भवती महिलाओं को जरूरी पोषण न मिलने से वह तमाम प्रकार की बीमारी से संक्रमित हो जाती हैं। जिससे उनके साथ गर्भ में पल रहे बच्चे भी बीमार एंव कुपोषित हो जाते हैं। ऐसी महिलाओं को कुपोषण से बचने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को लागू किया है। योजना में गर्भ धारण से बच्चे के जन्म लेने तक गर्भवती महिला को तीन किस्तो में पांच हजार रूपये दिया जाता है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी और नोडल अधिकारी डॉ. अमित दूबे ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य की देखभाल के लिए यह अति महत्वाकांक्षी योजना है। जिले में यह योजना एक जनवरी 2017 से संचालित है। बताया कि अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक 963 महिलाओं को योजना का दिया गया। उन्होंने बताया कि योजना में पहली बार गर्भवती होने पर महिलाओं को उनके खाते में सरकार पांच हजार रुपये तीन किस्तों में देती है। पहली बार गर्भधारण करने वाली महिला को पंजीकरण कराने पर प्रथम किस्त के रुप में एक हजार, प्रसव पूर्व जांच होने पर दो हजार और प्रसव होने पर बच्चे को सभी टीके लगने पर तीसरी किस्त में दो हजार मिलता है।