मजदूरों ने भट्ठा संचालकों पर मजदूरी न देने का आरोप लगाया। थाने पर एसडीएम और श्रम विभाग के अधिकारियों ने मजदूरों से पूछताछ की।
मजदूरों ने बकाया मजदूरी की मांग की, जिसे भट्ठा संचालक देने पर राजी हो गए। इस मामले में मजदूरों की तरफ से मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है।
औराई के लक्षमणिया गांव में स्थित आरपीएफ ईंट भट्ठा और ज्ञानपुर के नेवादा स्थित आरकेटी ईंट भट्ठा पर पश्चिमी यूपी के बदायूं, अलीगढ़ और मथुरा के मजदूर ईंट पथाई का काम करते हैं।
बृहस्पतिवार को महिला मजदूर लाडो ने जिलाधिकारी से फोन पर शिकायत किया कि भट्ठा संचालक उन्हें मजदूरी नहीं दे रहे हैं।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम औराई मनोज कुमार सिंह और सहायक श्रमायुक्त एमएल पाल दोनों भट्ठों पर छापा मारकर 42 मजदूर और 50 महिला बच्चों को मुक्त कराया। अधिकारी इन सभी को ज्ञानपुर कोतवाली और औराई थाने लेकर गए।
अलीगढ़ के राम विलासपुर के भोजराम, कुंती, पूनम, सूबेदार, बदायूं के सुभाष कुमार, अंगूरी, संतोष कुमार, मंजू, रतन, राम निवास ने कहा कि भट्ठा संचालक उनकी बकाया मजदूरी दें तो वह उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।
भट्ठा संचालक मजदूरी देने के लिए राजी हो गए। संचालकों का कहना था कि ठेकेदार उनसे मजदूरी का पैसा ले लिए थे लेकिन वह मजदूरों को न देकर भाग गए।
एसडीएम औराई मनोज कुमार सिंह ने कहा कि मजदूरी मिलने के एवज में मजदूर कोई क्लेम नहीं कर रहे हैं। पैसा मिलने के बाद सभी अपने घर चले जाएंगे लेकिन भट्ठा संचालकों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।