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अघोषित विद्युत कटौती से ग्रामीणों में आक्रोश

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ऊंज। चुनावी समर में भी ग्रामीण अंचलों में अघोषित विद्युत कटौती थम नहीं रही है। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ने लगी है। गर्मी में उमस से लोग परेशान हो गए हैं। बिजली विभाग का दावा है कि शार्ट सर्किट से गेहूं की फसल जलने से रोकने के लिए दोपहर के समय तीन से चार घंटे बिजली काटी जा रही है।
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डीघ के वहिदानगर और सीतामढ़ी उपकेंद्रों से 100 से अधिक गांवों में विद्युत आपूर्ति की जाती है। अप्रैल में ही गर्मी की तपिश शुरू हुई तो बिजली कटौती भी बढ़ गई। दिन और रात में बिजली का कोई रोस्टर नहीं है। सबसे अधिक बेचैनी लोगों को दोपहर से सायं 5 बजे तक बनी रहती है। इस बीच असहनीय हो रही धूप और उमस के बीच गर्मी का असर तेज होने से न तो लोग घरों में चैन पा रहे हैं और न ही प्रतिष्ठानों पर। सुबह 10 बजे से ठप होने वाली आपूर्ति शाम के समय ही हो पाने से ग्रामीण हलकान होकर रह गए हैं। इस बाबत वहिदानगर से संचालित अरता एवं कटरा फीडर से जुड़े शौकत अली, मो.नसीम, इश्तियाक अली, जुमराती, रऊफ, सीएल यादव, पकंज, भइयन, प्रदीप, विनोद, होरीलाल यादव, मेंहदी हाशमी, रोशन अली, अब्दुल समद आदि ने अधिशासी अभियंता का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उक्त दोनों उपकेंद्रों से हो रही बेतहाशा कटौती पर अंकुश लगाने की मांग की है। उपकेंद्र वहिदानगर के अवर अभियंता प्रमोद कुमार चौहान ने कहा कि दोपहर में लू चलने से शार्टसर्किट हो रही है। इससे किसानों की फसल जलकर नष्ट हो जाती है। शाम पांच बजे से अगले दिन सुबह 10 बजे तक मेन सप्लाई में कोई व्यवधान नहीं डाला जा रहा है।
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