ज्ञानपुर। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में शनिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में एक मंडप के नीचे 200 जोड़ों का रीति रिवाज के साथ विवाह हुआ। 194 जोड़ों ने अग्नि के सात फेरे लेकर एक साथ जीने की कसमें खाईं तो छह जोड़ों ने निकाह में एक-दूसरे को जीवन साथी कबूल किया। सभी नवविवाहित दंपतियों को 51 हजार नगद और गृहस्थी का सामान बतौर उपहार दिया गया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उन्हें खुशहाल जीवन का आशीर्वाद देकर विदा किया।
सामूहिक विवाह के लिए वीएन जीआईसी के मैदान को भव्य तरीके से सजाया गया था। सुबह से ही परिसर में गहमागहमी बढ़ गई थी। जिले के सभी छह ब्लॉकों से आए जोड़ों का स्वागत किया गया और साज-सज्जा के साथ मंडप पर बैठाया गया। छह मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया गया। इसके बाद आचार्यों ने विधि विधान से 194 हिंदू जोड़ों का विवाह कराया। मुख्य अतिथि सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सबसे बड़ा दान कन्यादान है। सरकार की कल्याणकारी योजना से गरीबों को अपनी बेटियों के विवाह की चिंता अब नहीं होगी। औराई विधायक दीनानाथ भष्कर ने कहा कि सरकार की मंशा है कि समाज में दहेज रूपी प्रथा खत्म हो।
जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि प्रत्येक जोड़ों पर अब 51 हजार सरकार खर्च कर रही है। बाद में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने वर-वधू को सुखमय जीवन का आशीर्वाद दिया। इस मौके पर सीडीओ हरिशंकर सिंह, समाज कल्याण अधिकारी मीना श्रीवास्तव, डीडीओ जयकेश त्रिपाठी, भाजपा पिछड़ा प्रकोष्ठ के आरडी पाल, सांसद प्रतिनिधि शैलेंद्र दूबे, प्रदीप सिंह, नागेंद्र सिंह, चेयरमैन भदोही अशोक जायसवाल आदि मौजूद रहे।
वृंदावन के कलाकारों ने बांधा समा
ज्ञानपुर। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में शनिवार को आयोजित सामूहिक शादी समारोह में वृंदावन से आए कलाकारों संग भोजपुरी गायक राजेश परदेशी और पूजा ने कई गीत गाकर समा बांध दिया। वृंदावन से आए कलाकारों ने राधा-कृष्ण के विभिन्न नृत्य प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।
सामूहिक विवाह के बाद हाईवोल्टेज ड्रामा
ज्ञानपुर। सामूहिक विवाह के बाद एक जोड़े के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। वर-वधू पक्ष का हाईवोल्टेज ड्रामा करीब एक घंटे तक चला। जीआईसी मैदान से शुरू हुआ विवाद ज्ञानपुर के पोस्ट आफिस तक पहुंच गया। वर पक्ष के लोग जहां विदाई के लिए अड़े थे, वहीं वधू के पिता ने घर से विदाई की बात ठान ली। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष कोतवाली पहुंच गए। बताया जाता है कि लड़की सुरियावां के भोरी गांव की रहने वाली थी जबकि लड़का इलाहाबाद के बरिया रामपुर का रहने वाला था। कोतवाली पुलिस ने दोनों परिवारों को समझाकर घर भेजा। वर-वधू पक्ष को निर्देश दिया गया कि एक सप्ताह में विदाई की रस्म कर ली जाए।