ज्ञानपुर। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या बहुप्रतीक्षित राम मंदिर को लेकर बृहस्पतिवार को आने वाले निर्णय पर लोगों की निगाहें टिकी रहीं। सुबह 10 बजे के बाद से ही लोग टीवी पर चिपके रहे, लेकिन दोपहर बाद आए फैसले से लोगों को मायूसी ही हाथ लगी। कोर्ट की ओर से एक बार फिर अब 29 जनवरी को तारीख तय की गई है। इसको लेकर विभिन्न संगठनों के लोगों ने कहा कि अविलंब इस पर फैसला हो अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।
लोकसभा चुनाव से पूर्व राम मंदिर का मामला काफी चर्चित हो चुका है। हर किसी की नजर अब मंदिर पर ही टिक गई है। पिछले तीन से चार महीने के अंदर मंदिर पर तारीख पर तारीख तय हो रही है। पिछले दिनों 10 जनवरी से रोज सुनवाई की चर्चा हो रही थी, जिसको लेकर लोगों में खासा उत्साह था। बृहस्पतिवार को निर्णय को लेकर ज्ञानपुर नगर के प्रोफेसर कॉलोनी, गोपीगंज नगर, भदोही, सुरियावां, औराई समेत अन्य बाजारों में लोग टीवी से चिपके रहे। करीब तीन घंटे से अधिक समय तक लोगों ने कोर्ट की तरफ नजर टिकाए रखी लेकिन दोपहर बाद कोर्ट ने फैसले को लेकर न्यायाधीशों की समिति गठित करने के लिए 29 जनवरी की तारीख तय की। इससे घंटों से उम्मीद लगाए लोगों को मायूसी हाथ लगी। ब्राह्मण सभा के राजेश तिवारी ने कहा कि जो चीज वेद-पुराणों में लिखी गई है, उस पर भी आनाकानी की जा रही है। चकटोडर निवासी फूलचंद्र तिवारी, गिरजाशंकर ने कहा कि कोर्ट रोज सुनवाई कर राम मंदिर पर अहम फैसला दे। कुछ तथाकथित लोग फैसले का विरोध कर मामले में लेटलतीफी कराना चाह रहे हैं। इस मसले को चुनावी नजरिए के बजाए आस्था से देखने की जरूरत है। मंदिर को लेकर करोड़ो हिंदुओं की आस्था जुड़ी है। इसको लेकर जल्द कोई निर्णय नहीं आया तो आंदोलन किया जाएगा।