ज्ञानपुर। करीब एक पखवारे विलंब से शुरू हुई धान की खरीद धीरे-धीरे पटरी पर लौट गई है। शुरुआत में मात्र 12 केंद्रों से शुरू हुई खरीद अब 19 केंद्र पर होने लगी है। एक सप्ताह के अंदर सात नए केंद्र बन जाने से खरीद में तेजी आ गई है। 35 हजार एमटी लक्ष्य के मुकाबले सात हजार 419 एमटी की खरीद केंद्रों पर हो चुकी। इससे 1070 किसान लाभान्वित हो चुके हैं।
रबी और खरीफ सीजन में सरकार किसानों से गेहूं और धान की खरीद करती है। एक नवंबर से फरवरी तक होने वाली धान खरीद के लिए जिले में शुरुआती दौर में 11 केंद्र बनाए गए हैं, जो 2017 की तुलना में नौ कम थे। शासन की ओर से 35 हजार एमटी धान खरीद का लक्ष्य रखा गया। एक नवंबर से शुरू हुई धान खरीद शुरुआती दौर में कच्छप गति से चली। कई केंद्रों पर महीने भर तक बोहनी नहीं हो सकी। हालांकि धीरे-धीरे खरीद रफ्तार पकड़ने लगी है। विपणन के सभी केंद्रों पर शुरू से ही खरीद शुरू हुई, जबकि शुरू में पीसीएफ केंद्रों ने उदासीनता बरती। शासन और प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया तो क्रय केंद्र प्रभारियों ने खरीद में तेजी लाई। इस दौरान मिलरों और निरीक्षकों की हड़ताल से खरीद प्रभावित हुई। गत एक सप्ताह में सात नए केंद्र खोले गए। जिसमें रोही पिलखुना के अलावा संस्था एनसीसीएफ के छह केंद्र खोले। जिनमें बसवापुर, मिश्री गड़ौरा, कला तुलसी, मठहां, कटरा और दुर्गापुर क्षेत्र के किसान लाभान्वित हुए। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो 35 हजार एमटी लक्ष्य के मुकाबले अब तक सात हजार चार सौ 18 एमटी धान की खरीद हो चुकी है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्र ने कहा कि अब तक 19 केंद्र खुल चुके हैं। वेदमनपुर में एक केंद्र प्रस्तावित हैं, जो एक या दो दिन में चालू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि औराई, बसंतापुर और सुरियावां विपणन केंद्रों पर खरीद तेजी से हो रही है। तीनों केंद्रों पर अब तक लक्ष्य के सापेक्ष 89 से 90 फीसदी तक खरीद हो चुकी है, जबकि ओवरऑल 21 फीसदी खरीद हुई है। उन्होंने कहा कि जनवरी तक शासन से तय लक्ष्य से अधिक खरीद हो जाएगी। बताया कि अब तक 1070 किसान लाभान्वित हो चुके हैं।
धर्मेन्द्र पाल/पंकज चौबे