प्रधानी चुनाव में महिलाओं की ड्यूटी न लगाने के राज्य निर्वाचन आयोग का आदेश जिले में बेअसर हो गया है। चार चरणों में होने वाले पंचायत चुनाव में करीब नौ सौ महिला कर्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसको लेकर कुछ महिलाओं ने विरोध भी जताया है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रधानी और ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव की घोषणा के दौरान ही महिलाओं की ड्यूटी न लगाने का आदेश जारी किया था। आयोग ने पत्र जारी कर इस पर अमल लाने के लिए निर्देश दिया था, लेकिन जिले में आयोग के आदेश का बेअसर साबित हो रहा है। जिले में चार चरणों में होने वाले ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के चुनाव में 900 से अधिक महिलाओं की ड्यूटी लगाई गई है। कुछ महिलाओं ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया है।
10 महिलाओं ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर इसकी शिकायत की है। वहीं दूसरी ओर मतदान कार्मिक प्रभारी और परियोजना निदेशक संत कुमार ने बताया कि जिले में कार्मिकों की कमी के चलते महिलाओं की ड्यूटी चुनाव में लगाई गई है। यहां के हालात को लेकरराज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भी लिखकर यथा िस्थ्ाति से अवगत कराते हुए दिशा निर्देश्ा मांगा गया है।