ज्ञानपुर। शासन-प्रशासन की तमाम सख्ती के बाद भी परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के न पहुंचने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को डीघ के पांच विद्यालयों का बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने निरीक्षण किया। स्कूलों से पांच शिक्षक-शिक्षिकाएं अनुपस्थित रहे। लापरवाही मानते हुए बीएसए ने सभी का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया। भरतपुर में एमडीएम में धांधली मिलने पर हेडमास्टर से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देेश दिया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार मंगलवार को सुबह नौ बजे डीघ के प्राथमिक विद्यालय मंगापट्टी पहुंचे। यहां हेडमास्टर मान बहादुर यादव, ऋचा श्रीवास्तव और नुपूर रावत बिना किसी सूचना की गायब रहीं। प्रबंध समिति के गठन के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी। यहां अनुपस्थित हेडमास्टर समेत तीनों शिक्षकों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोका गया। इसके बाद वह प्राथमिक विद्यालय गोधना पहुंचे। यहां सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित मिले पर बच्चों की उपस्थिति ठीक नहीं मिली। पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोधना में एक शिक्षिका अनुपस्थित रहीं। उनका एक दिन का वेतन रोका गया। प्राथमिक विद्यालय भरतपुर में हेडमास्टर राज बहादुर अनुपस्थित रहे जबकि मध्याह्न भोजन योजना में बच्चों की संख्या बढ़ाकर रजिस्टर पर अंकित मिला। हेडमास्टर का वेतन रोकते हुए एमडीएम में धांधली को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय भरतपुर में सभी शिक्षक उपस्थित मिले लेकिन मध्याहन्न भोजन योजना में धांधली पाई गई। यहां भी एमडीएम रजिस्टर में 91 बच्चों को खिलाने की बात दर्ज की गई थी जबकि मौके पर मात्र 22 बच्चे ही मिले। जिसको संज्ञान में लेते हुए बीएसए ने हेडमास्टर दयाशंकर को 26 अप्रैल तक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। चेतावनी दी कि तीन दिन में स्पष्टीकरण न देने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।