जंगीगंज। काशी-प्रयाग के मध्य इब्राहिमपुर-पुरवां स्थित महाशक्ति पीठ अजोरा धाम में वसंत पंचमी से तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने पूजन-अर्चन और अजोरा कात्यायनी महात्म्य पुस्तक का विमोचन दीप प्रज्जवलित कर किया।
उन्होंने कहा की शिक्षा और स्वास्थ्य ही समाज के विकास की प्रथम कड़ी हैं। शिक्षा में सहयोग के लिए क्षमतावान वर्ग के लोगों और धार्मिक संस्थानों से बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी निभाने का आह्वान किया। बताया कि आश्रम पद्धति से पहले कई महान विद्वान हुए हैं। संस्कृत की शिक्षा देने वाले विद्यालयों को भी आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ना चाहिए तभी भारत देश पुन:सोने की चिड़िया बन सकेगा। पूर्व पुलिस महानिदेशक आरएन सिंह ने मां अंजोरा महात्म पर प्रकाश डाला। धाम में देवी-देवताओं का दर्शन-पूजन कर गगनभेदी जयकारा लगाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलकत्ता पीठ के प्रज्ञानंद सरस्वती और संचालन डा.भारतेंदु द्विवेदी ने किया। समारोह में डा.विद्या शरण तिवारी, डा.सुधा वर्मा, डा.माया त्रिपाठी, सुरेश पांडेय मंजुल, पारसनाथ मिश्र आदि विद्वान कवियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर आयोजक न्यायविद परमेश्वर मिश्र और कुलाधिपति रेखा मिश्रा ने अतिथियों को अंगवस्त्रम, स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर सोमेश्वरनाथ मिश्र, राजेश्वरनाथ मिश्र, बैकुंठनाथ मिश्र, योगेन्द्र प्रसाद मिश्र, महेंद्र मिश्र, हीरामणि यादव, पवन यादव, प्रियंवदा त्रिपाठी, प्रज्ञा त्रिपाठी, प्रतिक मिश्र, राजधर मिश्र आदि मौजूद रहे।