वहिदानगर। संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों को आश्वासन के बाद भी अधिकारियों के फरमान का कोई असर मातहतों पर पड़ता नहीं दिखाई दे रहा है। कोइरौना थानाक्षेत्र के दरवांसी गांव निवासी झुलई गोड़ (70) के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है।
तीन बार ज्ञानपुर तहसील लगे संपूर्ण समाधान दिवस और तीन बार ही थाना कोइरौना में प्रार्थना पत्र सौंप कर मनबढ़ों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के बाद भ उन्हें न्याय नहीं मिल सका। वहीं चार महीने से खाते में पैसा आने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास के निर्माण में गांव के ही कुछ मनबढ़ों ने अड़ंगा खड़ा कर रंजिश शुरू कर दी। बताया कि भूमिहीन मजदूर का कलंक झेलते हुए आबादी की जमीन पर 40 वर्ष से मड़हा आदि रखकर परिवार के साथ जीवन-यापन करता आ रहा हूं। विपक्षी आए दिन आवास न बनने देने की धमकी देने के साथ-साथ मारपीट शुरू कर देते हैं। जबकि मामले में तीनों बार जिलाधिकारी ने मातहतों और पुलिस प्रशासन को स्पष्ट आदेश देते हुए जांच कराकर न्याय दिलाने का आदेश पूरी तरह से बेअसर रहा। ऐसे में न्याय की आस में वृद्ध आंखें पथरा गई हैं।
प्रधान और सदस्य भी दे चुके हैं लिखितनामा
वहिदानगर। ग्राम प्रधान योगेंद्र सिंह बाबा और क्षेत्र पंचायत सदस्य शिवराज सिंह समेत कई लोगों ने कोइरौना पुलिस को लिखितनामा देकर आवास निर्माण में बाधक बन रहे मनबढ़ों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन इसे भी अनसुना कर दिया गया है। प्रधान ने बताया कि वर्षों से आबादी की भूमि पर रहे मजदूर परिवारों को निर्माण कराने की छूट राजस्व विभाग ने दे रखी है। बावजूद इसके मनबढ़ पेच फंसा रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उधर हलका लेखपाल अनीता का कहना है कि इस मामले में दीवानी मुकदमा चल रहा है। अब कोर्ट जो आदेश देगा, उसका पालन कराया जाएगा। उपजिलाधिकारी अमृता सिंह ने कहा कि आबादी की भूमि पर जब भी ऐसे मामले फंसते हैं तो वह दीवानी कोर्ट के अधीन हो जाते हैं। रही बात आवास निर्माण की तो जांच करवाकर हल निकाला जाएगा।