ज्ञानपुर। स्कूल वैन हादसे के बाद अमान्य स्कूलों पर डंडा चलने से बीस से पच्चीस हजार नौनिहालों का भविष्य मझधार में फंस गया है। पूर्व के स्कूलों पर ताला लटकने से अभिभावक बच्चों के प्रवेश कराने को लेकर चिंतित हैं। दो माह बाद वार्षिक परीक्षा होनी है, ऐसे में परिषदीय से लेकर मान्यता प्राप्त विद्यालयों में भी प्रवेश को लेकर उधेड़बुन बरकरार है। हालांकि महकमा मान्यता प्राप्त विद्यालयों की प्रोफाइल दुरुस्त करने में भी जुटा है।
जिले में 1143 सरकारी प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इसमें करीब एक लाख 47 हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। इसके अलावा अंग्रेजी और हिंदी से मान्यता प्राप्त करीब 505 प्राथमकि एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में एक लाख से अधिक बच्चों को शिक्षा-दीक्षा दी जा रही है। 12 जनवरी को लखनों में मारुति वैन हादसे के बाद जिले के छह ब्लॉकों में अमान्य विद्यालयों को सील करने की कार्रवाई तेजी से की गई। करीब 100 अमान्य विद्यालयों को बंद करा दिया गया। अमान्य स्कूलों के बंद होने से उनमें पढ़ रहे बीस से पच्चीस हजार बच्चों की पढ़ाई मझधार में फंस गई है। अभिभावकों को चिंता है कि अब उनका एडमिशन कहां कराएं। मार्च में वार्षिक परीक्षा होने से मान्यता प्राप्त और परिषदीय स्कूल के हेडमास्टर भी परेशान हो गए हैं, ऐसे में बच्चे किन स्कूलों में जाएंगे यह एक प्रश्न बन गया है। वहीं दूसरी ओर अमान्य स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का एडमिशन मान्यता प्राप्त और परिषदीय स्कूलों में कराने के लिए विभाग मान्यता प्राप्त विद्यालयों की प्रोफाइल दुरुस्त करने में लगा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पत्र जारी कर भले ही अमान्य स्कूलों के बच्चों का प्रवेश आसपास के परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में करने के लिए कहा है, लेकिन अब तक उसको लेकर प्रधानाध्यापक संजीदा नहीं हो सके हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अमित कुमार सिंह कहा कि सभी बच्चों का प्रवेश कराया जाएगा। जो स्कूल हीलाहवाली करेंगे उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
आठवीं तक मान्यता, 12वीं तक कक्षाएं
ज्ञानपुर। डीएम के निर्देश पर अमान्य स्कूलों पर भले ही तेजी से कार्रवाई हो रही है, लेकिन अब भी पांचवीं तक मान्यता लेकर आठवीं से लेकर 12वीं तक कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। ज्ञानपुर, डीघ, अभोली, सुरियावां और औराई इलाके में ऐसे कई विद्यालय हैं। इन स्कूलों पर भी कार्रवाई को लेकर आवाज उठने लगी है। लखनो स्कूल वैन हादसे के बाद जागे प्रशासन की कार्रवाई के डर से इनमें से कई विद्यालयों ने शटर गिरा दिया है। उनमें लंबी छुट्टी कर दी गई है। इनमें पढ़ने वाले बच्चे भी परेशान हैं। साथ ही कोचिंग संस्थान की आड़ में स्कूल चला रहे कई अन्य संचालक भी स्कूल बंद कर फरार हैं। दूसरी ओर बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों को ले जाने वाले निजी वाहनों ने भी गाड़ी खड़ी कर दी है। इससे रोज निजी ऑटो या मैजिक आदि से स्कूल जाने वाले बच्चों की परेशानी बढ़ गई है।
पांच सदस्यीय गठित टीम कसेगी नकेल
ज्ञानपुर। मानक पूरा किए बिना मान्यता ले चुके विद्यालय भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। लखनों की घटना के बाद डीएम ने सीडीओ हरिशंकर सिंह की अध्यक्षता में टीम गठित की है। इसमें बीएसए, डीआईओएस समेत पांच अधिकारी नामित किए गए हैं। यह टीम एक सप्ताह से 10 दिन में जांच कर रिपोर्ट सौपेंगी। माना जा रहा है कि जिन स्कूलों के पास जरूरी संसाधन नहीं हैं, उन पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।