चौरी। इलाके में करीब एक साल पहले ही दो करोड़ 70 लाख की लागत से बना सीसी मार्ग भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। एक साल में ही यह सीसी मार्ग और नालियां ध्वस्त होने लगी। निर्यातकों ने कार्यदायी संस्था की जांच कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।
कालीन नगरी भदोही के कुछ इलाकों में कालीन कंपनियां स्थापित हैं। उसी क्रम में चौरी के अनेगपुर और रोटहां में बड़ी संख्या में कालीन कंपनी है। वर्ष 2014 में निर्यातकों की मांग पर सपा सरकार ने भदोही- बाबतपुर मार्ग से जोड़ते हुए सीसी मार्ग की स्वीकृति दी। एसाइड योजना के तहत 2 करोड़ 70 लाख 99 हजार की लागत से बनकर तैयार रोटहा-अनेगपुर सीसी मार्ग की नालियां एक साल में ही धंसने लगी। इससे आवागमन के दौरान राहगीरों को हर समय खतरा बना रहता है। बताया जाता है कि कार्यदायी संस्थाओं ने बिना सरिया के ही नालियां बना डाली। इससे चंद महीने में ही वह टूटने लगी। सड़क की पटरियों पर लाइट नहीं होने से अक्सर रात में साइकिल सवार नालियों में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। भदोही बाबतपुर मार्ग से 1200 मीटर बना रोटहा अनेगपुर मार्ग पर दर्जन भर कालीन कंपनिया है। निर्यातकों को बेहतर सुविधा को देखते हुए इलाके में सबसे कम लंबी और सबसे अधिक लागत से सीसी रोड बनाई गई, लेकिन निर्माण के एक वर्ष बाद से ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे। कालीन निर्यातक हाजी साबिर अली और जावेद अली अंसारी ने कहा कार्यदायी संस्था ने निर्माण में धांधली की है। मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की।